
भागलपुर: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पर विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलित कर श्रावणी मेला-2026 का भव्य शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
सुल्तानगंज में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट, अजगैबीनाथ से अगुवानी घाट तक बनेगा रोप-वे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुल्तानगंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके साथ ही अजगैबीनाथ धाम से अगुवानी घाट तक रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भागलपुर से मुंगेर तक करीब 83 किलोमीटर लंबे गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को विकसित किया जाएगा। क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, नए टाउनशिप और पर्यटन सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल 2027 तक होगा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2027 से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। वहीं सुल्तानगंज से देवघर तक फोरलेन सड़क निर्माण का काम बरसात के बाद तेज गति से शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज-देवघर नई रेललाइन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। अजगैबीनाथ धाम में हरिद्वार की तर्ज पर दोनों ओर घाट विकसित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
अजगैबीनाथ धाम बनेगा धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अजगैबीनाथ धाम क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां डॉल्फिन पर्यटन, गंगा पार्क और रोप-वे जैसी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नाथनगर क्षेत्र में विक्रमशिला टाउनशिप और बरियारपुर-मुंगेर क्षेत्र में ‘अंग टाउनशिप’ विकसित की जाएगी। वहीं गोराडीह और असरगंज में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित कर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और बिहार के समृद्ध भविष्य के संकल्प को पूरा करने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने श्रावणी मेले को दुनिया की सबसे बड़ी आस्था यात्राओं में से एक बताते हुए कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालु “बोल बम” के जयघोष के साथ सुल्तानगंज से देवघर तक यात्रा करते हैं, जो सामाजिक समरसता और आस्था का अद्भुत उदाहरण है।
श्रद्धालुओं के लिए श्रावणी मेला ऐप लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान श्रावणी मेले की तैयारियों पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग की पुस्तिका का लोकार्पण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्रावणी मेला ऐप भी लॉन्च किया।
इस ऐप के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा, मार्ग, सुविधाओं और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
कांवरिया सेवा शिविर का भी किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने इससे पहले सुल्तानगंज स्थित कांवरिया पथ पर बने सेवा शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की सेवा का महापर्व भी है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, पेयजल, विश्राम, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर पूरी तैयारी कर रही है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से इस बार का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए और अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद अजय मंडल, गिरिधारी यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


