
पटना: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बाद अब अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी उनकी तत्काल रिहाई की मांग उठाई है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने X पर उठाए सवाल
सोमवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सीवान, पटना, छपरा समेत बिहार के विभिन्न जिलों में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के प्रति प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार में भी आंदोलन से जुड़े मामलों की समीक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि दिल्ली में आंदोलन से जुड़े मामलों पर अपनाए गए रुख की तर्ज पर बिहार में भी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लिया जाए और तेज प्रताप यादव को तत्काल रिहा किया जाए।
गिरफ्तारी पर उठाए राजनीतिक सवाल
अपने पोस्ट में शत्रुघ्न सिन्हा ने सवाल उठाया कि क्या तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गिरफ्तारी से पहले तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को समर्थन दिया था।
इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की राजनीतिक परिस्थितियों का इस कार्रवाई से कोई संबंध है।
प्रशांत किशोर की भी की सराहना
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने पोस्ट में प्रशांत किशोर को टैग करते हुए उनकी भी सराहना की और उन्हें एक बेहतर नेता बताया। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
छात्र आंदोलन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक के विरोध में बिहार के कई जिलों में व्यापक प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान तेज प्रताप यादव छात्रों के समर्थन में आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में पटना के बेऊर केंद्रीय कारा भेज दिया।
उनकी गिरफ्तारी के बाद से विपक्षी दल लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और दर्ज मामलों के आधार पर की गई है। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।


