
पटना | बिहार बंद के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, कथित फायरिंग और बड़ी संख्या में हुई गिरफ्तारियों को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार को आज शाम या रात तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा नहीं किया गया और दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो पूरे बिहार में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छात्रों की रिहाई की मांग, सरकार को चेतावनी
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, मुकदमे वापस लिए जाएंगे और गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाएगा, तो बिहार में इसके उलट कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है।
AK-47 फायरिंग के आरोप पर सरकार को घेरा
सिवान में पुलिस फायरिंग का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर AK-47 से गोली चलाई गई। उन्होंने कहा कि वीडियो में हथियार का इस्तेमाल साफ दिखाई देता है और यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों का सौभाग्य था कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
“मुख्यमंत्री जवाब दें, किसके आदेश पर चली गोली?”
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने पूछा कि क्या यह आदेश मुख्यमंत्री, डीजीपी या किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी की ओर से दिया गया था। उन्होंने केवल संबंधित जवान को निलंबित किए जाने को अपर्याप्त बताते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
“छात्रों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे”
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बिहार के कई जिलों में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए और निर्दोष युवाओं को रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड से हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि कई परिजनों को अब तक यह भी जानकारी नहीं है कि उनके बच्चे कहां रखे गए हैं।
“भीड़ नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन हुआ”
तेजस्वी यादव ने कहा कि भीड़ नियंत्रण की एक तय प्रक्रिया होती है, लेकिन इस मामले में उसका पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कानून सम्मत कार्रवाई के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाया।
अंतिम चेतावनी
तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि आज शाम या देर रात तक गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो बिहार में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार बदलाव और लोकतांत्रिक आंदोलनों की धरती है तथा छात्र आंदोलन को दबाने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को निर्दोष छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय उनकी सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
नोट: तेजस्वी यादव के AK-47 से फायरिंग और अन्य आरोप उनके सार्वजनिक बयान हैं। इन दावों पर संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जांच या निष्कर्ष का इंतजार किया जाना चाहिए।


