
पटना | बिहार की राजनीति में छात्र आंदोलन और सिवान फायरिंग मामले को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर कार्रवाई, सिवान फायरिंग और अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर सरकार को घेरा।
‘छात्रों को नहीं छोड़ा गया तो सरकार को पड़ेगा भारी’
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि बिहार में लोकतांत्रिक परंपराओं को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलवाई गई और समझौते के बाद भी हजारों छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो सरकार को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए उन्हें “सड़क छाप अपराधी” बताया और कहा कि लाठी और प्रशासनिक शक्ति के बल पर बिहारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
AK-47 से फायरिंग का लगाया आरोप
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग कराई गई। हालांकि पुलिस की ओर से इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तेज प्रताप यादव 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
बिहार बंद के दौरान छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उन पर गांधी मैदान क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और फिलहाल वे बेऊर केंद्रीय कारा में हैं।
सिवान फायरिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई
25 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में हुए बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शन हिंसक हो गया था। पथराव और झड़प के बीच पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें दो प्रदर्शनकारी घायल हुए। घटना के बाद फायरिंग करने वाले जवान अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त
नीट-यूजी विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की और प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील की। इसके बावजूद बिहार में छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों और गिरफ्तारियों को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी लगातार जारी है।



