
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव करीब 24 दिनों बाद रविवार को पटना लौटे। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों, पुलिस कार्रवाई और तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए तेजस्वी ने सरकार से सभी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की मांग की।
‘छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं’
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उन पर लाठीचार्ज कराया और मुकदमे दर्ज कर दिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं और गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों एवं प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
‘नहीं मानी मांग तो होगा दिल्ली से बड़ा आंदोलन’
राजद नेता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो बिहार में दिल्ली से भी बड़ा आंदोलन होगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को दमन की नीति छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए उन्हें “सड़क छाप गुंडा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर कभी गंभीर आपराधिक मामलों के आरोप रहे हैं, वही आज पुलिस के जरिए छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी का भी उठाया मुद्दा
तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव के खिलाफ दर्ज मामले और उनकी गिरफ्तारी को भी सरकार की तानाशाही बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने के कारण तेजप्रताप यादव सहित कई लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए और उन्हें जेल भेजा गया।
उनका कहना था कि सरकार राजनीतिक विरोधियों और आंदोलनकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी धाराओं का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार विपक्ष और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है।


