
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा संकट के बीच भारतीय नागरिकों से जुड़ी एक और गंभीर घटना सामने आई है। ईरान के जलक्षेत्र और काला सागर में दो अलग-अलग जहाजों पर हुए हमलों ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, जबकि दूसरे जहाज पर सवार भारतीय चालक दल के सभी 28 सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव और जहाजों पर हो रहे हमलों ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा, समुद्री परिवहन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इन घटनाओं का असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। भारत सरकार ने भी संबंधित देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने की अपील की है।
काला सागर में हमले के दौरान भारतीय नागरिक की मौत
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 18 जुलाई को काला सागर क्षेत्र में रूस के जलक्षेत्र से गुजर रहे मालवाहक पोत एमवी ओमोर्फी पर हमला हुआ। उस समय जहाज अपने निर्धारित समुद्री मार्ग से गुजर रहा था। अचानक हुए हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा और चालक दल के सदस्य इसकी चपेट में आ गए।
जहाज पर कुल दस चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हमले के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्यों को सुरक्षित निकालने के लिए तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाया गया। घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और हमले की परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने मृत भारतीय नागरिक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि आवश्यक कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और संबंधित प्रक्रियाओं में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
ईरान के जलक्षेत्र में एलपीजी टैंकर पर हमला
इसी बीच शुक्रवार को ईरान के जलक्षेत्र से गुजर रहे मोजांबिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर ‘दिशा’ पर भी हमला होने की जानकारी सामने आई। यह जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर अपनी नियमित यात्रा कर रहा था। घटना के बाद कुछ समय के लिए जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्यों को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
हालांकि विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के सभी 28 सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के तुरंत बाद संबंधित अधिकारियों ने जहाज से संपर्क स्थापित किया और सभी नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि की गई। इस खबर के बाद उनके परिजनों ने भी राहत की सांस ली।
सरकार ने कहा कि भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन और संबंधित समुद्री एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
लगातार बढ़ रहे समुद्री हमले चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों के माध्यम से संचालित होता है। ऐसे में व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमले केवल संबंधित देशों के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकते हैं।
समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय, निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
इससे पहले भी भारतीय नागरिकों को उठानी पड़ी थी कीमत
विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि यह पहली ऐसी घटना नहीं है जिसमें भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हों। इससे पहले 19 जुलाई को यूक्रेन के तट के निकट एमवी गोल्डन लियो नामक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले हजारों भारतीय विभिन्न देशों के व्यापारिक जहाजों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।
विदेश मंत्रालय ने बनाए रखा लगातार संपर्क
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि घटना के बाद से भारतीय दूतावास और संबंधित मिशन सक्रिय रूप से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। प्रभावित जहाजों पर मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और समुद्री अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी भारतीय नागरिक को सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल कांसुलर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही मृत भारतीय नागरिक के परिवार को आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय दायित्व निभाने की अपील
भारत सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े दायित्वों का पालन करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि व्यापारिक जहाजों और उन पर कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन वैश्विक व्यापार तथा आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार की विशेष नजर
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां बड़ी संख्या में नागरिक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर नाविक के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे में विदेश मंत्रालय लगातार विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के संपर्क में रहकर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
हाल की घटनाओं के बाद सरकार ने संबंधित भारतीय मिशनों को भी सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वैश्विक समुद्री सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती
ईरान के जलक्षेत्र और काला सागर में हुई ताजा घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया के कई समुद्री क्षेत्र अभी भी सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे हालात में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और समय पर राहत एवं बचाव अभियान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना वैश्विक समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम समय-समय पर उठाए जाएंगे।


