
नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने शनिवार को बिहार बंद का आह्वान किया है। बंद से पहले पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाकपा (माले) विधायक संदीप सौरभ, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय, सचिव दिगंबर मिश्रा, उपाध्यक्ष सबा आरजूनी समेत 19 छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा 43 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई हाल में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा।
हॉस्टलों और लॉज में देर रात तक छापेमारी
बंद के मद्देनजर पुलिस ने शुक्रवार रात पटना के दो दर्जन से अधिक हॉस्टलों और लॉज में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पूरे बिहार में 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
बिहार बंद को देखते हुए पूरे राज्य में करीब 70 हजार पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), बिहार पुलिस और दंगा नियंत्रण बल को संवेदनशील इलाकों में लगाया गया है।
पटना, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और कटिहार समेत कई जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पटना जंक्शन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
छात्रों से संवाद के भी निर्देश
प्रशासन ने अधिकारियों को छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से सुनने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुजफ्फरपुर में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवा प्रभावित
एहतियातन मुजफ्फरपुर में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवा प्रभावित रही। बाद में स्थिति सामान्य होने पर सेवाएं बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।


