चावल आपूर्ति में लापरवाही पर सरकार सख्त, 17 डीसीओ और 31 बीसीओ से मांगा जवाब

पटना: बिहार सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत चावल आपूर्ति में देरी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के 17 जिलों के जिला सहकारिता पदाधिकारियों (DCO) से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, 31 प्रखंडों के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों (BCO) को भी जवाब-तलब किया गया है।

समीक्षा बैठक में सामने आई लापरवाही

सहकारिता मंत्री रामप्रीत पासवान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में पाया गया कि कई जिलों में चावल की आपूर्ति निर्धारित औसत से कम है। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और आपूर्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

94 प्रतिशत चावल की हुई आपूर्ति

बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में राज्य के 4.60 लाख किसानों से 36.78 लाख टन धान की खरीद की गई थी। इसके बदले 24.95 लाख टन चावल भारतीय खाद्य निगम (FCI) को उपलब्ध कराया जाना था। अब तक 23 जुलाई 2026 तक करीब 23.42 लाख मीट्रिक टन (94 प्रतिशत) चावल की आपूर्ति की जा चुकी है।

कई जिलों के डीसीओ से मांगा स्पष्टीकरण

औसत से कम आपूर्ति वाले जिलों के डीसीओ को निर्धारित समय-सीमा के भीतर चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जिन जिलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है उनमें अररिया, औरंगाबाद, बांका, भोजपुर, दरभंगा, बक्सर, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, लखीसराय, नालंदा, रोहतास, सहरसा, शिवहर, सुपौल और पश्चिमी चंपारण सहित कुल 17 जिले शामिल हैं।

31 प्रखंडों में भी कार्रवाई की तैयारी

विभाग ने उन 31 प्रखंडों के बीसीओ से भी जवाब मांगा है, जहां 40 लॉट या उससे अधिक चावल की आपूर्ति अभी लंबित है। संबंधित अधिकारियों को लंबित आपूर्ति शीघ्र पूरी कराने और राइस मिलों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।

समितियों और राइस मिलों पर भी होगी कार्रवाई

समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) और राइस मिलों में बड़ी मात्रा में चावल की आपूर्ति लंबित है। विभाग ने ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रमंडलीय संयुक्त निबंधकों, जिला सहकारिता पदाधिकारियों और प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों को विशेष शिविर आयोजित कर लंबित चावल की आपूर्ति में तेजी लाने को कहा गया है।

(यह समाचार सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में साझा की गई जानकारी पर आधारित है।)

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