
बिहार में महिलाओं के कौशल विकास और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य में महिलाओं के लिए संचालित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान के स्थायी परिसर की स्थापना के साथ-साथ युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में केंद्र और बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी की मौजूदगी में इन महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की गई। कार्यक्रम के दौरान बिहटा के सिकंदरपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान महिला, पटना के स्थायी परिसर की आधारशिला भी रखी गई। इस परियोजना के माध्यम से बिहार की युवतियों को आधुनिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के साथ ही राज्य के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करने की योजना है।
बिहटा में बनेगा महिलाओं के कौशल विकास का आधुनिक केंद्र
राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान महिला, पटना का स्थायी परिसर बिहटा में विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 99.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन और छात्रावास जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
स्थायी परिसर तैयार होने के बाद संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में काफी विस्तार होने की उम्मीद है। यहां महिलाओं को उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। तेजी से बदलती तकनीक और रोजगार बाजार को देखते हुए भविष्य की जरूरतों से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाने की योजना है।
इस परियोजना का उद्देश्य बिहार और आसपास के राज्यों की महिलाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम के दौरान निदेशालय सामान्य प्रशिक्षण के महानिदेशक दिलीप कुमार ने स्थायी परिसर की आधारशिला रखी। इसके साथ ही बिहार में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ।
महिलाओं को आधुनिक प्रशिक्षण से जोड़ने की तैयारी
राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान महिला बिहार में महिलाओं के लिए केंद्र सरकार का विशेष कौशल प्रशिक्षण संस्थान है। वर्तमान में यह संस्थान अस्थायी परिसर से संचालित हो रहा है। यहां महिलाओं को विभिन्न तकनीकी और रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
संस्थान की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कॉस्मेटोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान से जुड़े कार्यक्रमों और अन्य कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
स्थायी परिसर के निर्माण के बाद प्रशिक्षण के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, बेहतर आवासीय सुविधाएं और उद्योग की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे महिलाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
13 ट्रेड में प्रशिक्षण देने की योजना
नए परिसर में प्रशिक्षण व्यवस्था को और व्यापक बनाने की तैयारी है। ट्रेड चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर संस्थान में कुल 13 ट्रेड संचालित करने का प्रस्ताव है। इनमें पारंपरिक और महिलाओं के लिए उपयोगी ट्रेड के साथ-साथ नई तकनीक से जुड़े क्षेत्र भी शामिल होंगे।
प्रस्तावित प्रशिक्षण क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, ड्रोन तकनीशियन, सोलर तकनीशियन और रेडियोलॉजी तकनीशियन जैसे आधुनिक ट्रेड भी शामिल हैं।
इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से हर वर्ष कुल 435 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बिहार की युवतियों को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
विदेश में रोजगार के लिए युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
बिहार में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना को राज्य के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं को आवश्यक कौशल और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना होगा।
केंद्र में युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें अंग्रेजी के साथ जर्मन, जापानी और फ्रेंच जैसी भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा। भाषा प्रशिक्षण के अलावा युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए परामर्श, प्रमाणन संबंधी मार्गदर्शन और विदेश जाने से पहले आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल के माध्यम से युवाओं को सुरक्षित प्रवासन के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले युवाओं को सही प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और रोजगार से जुड़े नियमों की जानकारी देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा प्रशिक्षण
स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की योजना है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार की मांग अधिक है। इनमें इलेक्ट्रिकल सेवाएं, प्लंबिंग, निर्माण क्षेत्र, कृषि और अन्य उभरते हुए व्यवसायिक क्षेत्र शामिल हैं।
प्रशिक्षण को अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों और संबंधित देशों की श्रम जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य बिहार के युवाओं को केवल स्थानीय रोजगार के लिए ही नहीं, बल्कि देश और विदेश के व्यापक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य कौशल और प्रमाणन के साथ प्रशिक्षित युवा बेहतर रोजगार अवसर हासिल कर सकेंगे। इससे राज्य से विदेश जाने वाले कामगारों को भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान का स्थायी परिसर और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना बिहार के कौशल विकास तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि करीब 99.97 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला आधुनिक परिसर युवतियों को गुणवत्तापूर्ण और उद्योग की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे महिलाओं को उभरते हुए रोजगार क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कौशल से जोड़ने और देश तथा विदेश में रोजगार के नए रास्ते खोलने में मदद करेगा। इन दोनों पहलों के माध्यम से युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला नेतृत्व वाले विकास पर दिया गया जोर
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि भारत के विकास की यात्रा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं और उद्योग की जरूरत के अनुसार कौशल उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि एनएसटीआई महिला का स्थायी परिसर बिहार की महिलाओं को बेहतर प्रशिक्षण और नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करने में सहायक होगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण, विदेशी भाषाओं और सुरक्षित प्रवासन से जुड़े मार्गदर्शन को युवाओं के लिए उपयोगी बताया। उनके अनुसार, इन प्रयासों से बिहार के कार्यबल को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खुलने की उम्मीद
स्थायी परिसर के शुरू होने के बाद महिलाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण के कारण महिलाएं बदलते उद्योगों की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकेंगी।
वहीं, स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के जरिए युवाओं को विदेशों में रोजगार से पहले आवश्यक प्रशिक्षण और परामर्श मिलेगा। इससे विदेश जाने वाले कामगारों को बेहतर जानकारी और कौशल के साथ रोजगार के लिए तैयार करने में सहायता मिल सकती है।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर बिहार सरकार के श्रम संसाधन, प्रवासी कामगार कल्याण एवं युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कौशल विकास क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान बिहार में कौशल विकास को नई दिशा देने, महिलाओं को आधुनिक प्रशिक्षण से जोड़ने और युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, बिहटा में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान महिला के स्थायी परिसर और बिहार में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना को राज्य के कौशल विकास क्षेत्र के लिए अहम पहल माना जा रहा है। एक ओर जहां महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की कोशिश होगी, वहीं दूसरी ओर राज्य के युवाओं को विदेशी भाषाओं, अंतरराष्ट्रीय मानकों और सुरक्षित प्रवासन की जानकारी देकर वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं के पूरी तरह शुरू होने के बाद बिहार के युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल, रोजगार, स्वरोजगार और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।


