
भागलपुर, 22 जुलाई: भागलपुर जिला प्रशासन ने बुधवार को ओबीसी बालिका आवासीय उच्च विद्यालय एवं छात्रावास, शाहकुंड का औचक निरीक्षण किया। अनुमंडल पदाधिकारी (सदर), कार्यपालक दंडाधिकारी एवं अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से विद्यालय एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
छात्रावास की सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान छात्रावास एवं विद्यालय परिसर की स्वच्छता, छात्राओं के आवासीय कक्ष, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और शैक्षणिक गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली।
हर माह होगी समन्वय बैठक
अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास के लिए प्रत्येक माह समन्वय बैठक आयोजित की जाए। इस बैठक में संबंधित थाना प्रभारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), अंचल अधिकारी, विद्यालय प्रबंधन एवं अन्य संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। इसके लिए अनुमंडल कार्यालय से अलग से आदेश जारी किया जाएगा।
अंग्रेजी और हिंदी पर विशेष फोकस
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए अधिकारियों ने स्पेशल इंग्लिश प्रमोशन कोर्स शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही छात्राओं की भाषा दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से हिंदी व्याकरण की अतिरिक्त कक्षाएं नियमित रूप से संचालित करने को कहा गया।
सुरक्षा गार्ड बढ़ाने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय परिसर में फिलहाल केवल तीन सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं। इसे छात्राओं की सुरक्षा के लिए अपर्याप्त मानते हुए संबंधित विभाग को सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
मनोवैज्ञानिक परामर्श सत्र भी होंगे आयोजित
छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रबंधन को नियमित मनोवैज्ञानिक परामर्श (Psychological Counselling) सत्र आयोजित करने और समय-समय पर विशेषज्ञों की सहायता से काउंसेलिंग कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर
जिला प्रशासन ने छात्रावास प्रबंधन को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के समुचित संधारण तथा सभी मूलभूत सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर दूर कर अनुपालन प्रतिवेदन सौंपने को भी कहा गया।
जिला प्रशासन ने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित, अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय और शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण और सतत निगरानी आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी।
(यह समाचार जिला जनसंपर्क कार्यालय, भागलपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)


