
पटना: बिहार विधानसभा ने मंगलवार को विभिन्न विषयों से जुड़े सात महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा के बाद पारित कर दिया। इनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 सबसे प्रमुख रहा, जिसके तहत ऑनलाइन और डिजिटल माध्यमों से खेले जाने वाले जुए पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है।
ऑनलाइन और डिजिटल जुए पर भी रोक
सदन से पारित बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 के तहत इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, कंप्यूटर, मोबाइल एप्लीकेशन या इंटरनेट के माध्यम से संचालित सभी प्रकार के जुए को प्रतिबंधित किया गया है।
विधेयक के दायरे में बिग बैकारा, सिक्स-व्हील, व्हील ऑफ फॉर्च्यून, केमिन डी फेर, क्रैप्स, प्लश, ब्रैग, थ्री-कार्ड गेम, केनो, पॉइंट-21, रूलेट, स्लॉट्स, सुपर पैन-9 सहित अन्य भाग्य आधारित खेल शामिल किए गए हैं। इसके अलावा राज्य सरकार समय-समय पर अधिसूचित किए जाने वाले अन्य ऑनलाइन जुए भी इस कानून के दायरे में आएंगे।
सात विधेयकों पर लगी मुहर
विधानसभा से जिन प्रमुख विधेयकों को मंजूरी मिली, उनमें—
- बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026
- बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक
- बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक
- बिहार नर्सेस पंजीकरण (संशोधन) विधेयक
- बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजन समर्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक
शामिल हैं।
सरकार ने बताया समय की जरूरत
विधानसभा में बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ ऑनलाइन जुए का दायरा भी बढ़ा है। ऐसे में लोगों, विशेषकर युवाओं को आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचाने के लिए नया कानून आवश्यक है।
सरकार का कहना है कि नए कानून के लागू होने से ऑनलाइन सट्टेबाजी और भाग्य आधारित डिजिटल जुए पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
नोट: विधानसभा से पारित विधेयक कानून बनने की प्रक्रिया के तहत आगे की संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लागू होंगे।


