गया में एसटीएफ जवान गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर वर्षों तक यौन शोषण का आरोप

बिहार के गया जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के एक जवान को शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ लंबे समय तक कथित यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता की शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोपी की पहचान हरनामठ गांव निवासी बिट्टू कुमार के रूप में हुई है, जो एसटीएफ में जवान के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। महिला थाना में दर्ज शिकायत के मुताबिक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने शादी करने का भरोसा दिलाकर उसके साथ कई वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए और लगातार विवाह का आश्वासन देता रहा। जब पीड़िता ने विवाह के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने कथित रूप से अपने वादे से पीछे हटना शुरू कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस का सहारा लिया।

शिकायत में पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि पहली बार कथित घटना उस समय हुई थी जब वह नाबालिग थी। इसी कारण मामले में पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसकी कम उम्र का फायदा उठाते हुए उसे अपने विश्वास में लिया और विवाह का वादा कर संबंध बनाए। बाद के वर्षों में भी आरोपी लगातार संपर्क में रहा और भविष्य में शादी करने का भरोसा देता रहा।

पीड़िता ने अपने बयान में यह भी दावा किया है कि आरोपी उसे कई बार अलग-अलग स्थानों और होटलों में लेकर गया, जहां वह उसे अपनी पत्नी बताकर परिचय कराता था। शिकायत के अनुसार, इसी विश्वास के आधार पर वह आरोपी के साथ जाती रही। हालांकि बाद में जब विवाह की बात आगे नहीं बढ़ी और आरोपी का व्यवहार बदलने लगा, तब पीड़िता को अपने साथ हुए कथित धोखे का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी और न्याय की मांग की।

महिला थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता का विस्तृत बयान दर्ज किया और उपलब्ध तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी आवश्यक समझी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल की। पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज, बातचीत के रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों को जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हर पहलू का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

महिला थाना की प्रभारी अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित घटनाएं किन-किन स्थानों पर हुईं और क्या इस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं। जांच टीम डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का भी विश्लेषण कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी नाबालिग के साथ यौन शोषण का आरोप सामने आता है तो पॉक्सो अधिनियम के तहत मामले की जांच अत्यंत गंभीरता से की जाती है। इस कानून में बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों के लिए कड़े प्रावधान हैं और दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान भी है। हालांकि किसी भी मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही किया जाता है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मामला जांच के चरण में है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोपी को कानून के अनुसार निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्राप्त है और जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना और निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है, ताकि यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्याय मिल सके। वहीं पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार के गंभीर अपराध की जानकारी हो तो तत्काल संबंधित थाने या पुलिस अधिकारियों को सूचना दें।

फिलहाल गिरफ्तार एसटीएफ जवान से पूछताछ जारी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले के सभी आरोप किस हद तक प्रमाणित होते हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण में कानून के अनुसार निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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