पीएमएफएमई योजना से भागलपुर की जीविका दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भर, खाद्य प्रसंस्करण कारोबार को मिल रही नई उड़ान

भागलपुर: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) भागलपुर जिले की ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रही है। जीविका से जुड़ी महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर अपने खाद्य प्रसंस्करण कारोबार का विस्तार कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

40 हजार रुपये की सहायता से बढ़ा शीला देवी का कारोबार

कहलगांव प्रखंड के देवरी महेशपुर गांव की रहने वाली शीला देवी, शिवगुरु जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। उन्होंने समूह से 75 हजार रुपये का ऋण लेकर खाद्य प्रसंस्करण का व्यवसाय शुरू किया। बाद में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME-सीड कैपिटल) के तहत उन्हें 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिली।

इस सहायता से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आज अपने घर से अचार, मुरब्बा, बांस का मुरब्बा, बड़ी, पापड़, मशरूम का अचार, आंवला, लहसुन और मिर्च का अचार, विभिन्न प्रकार की दालें तथा राजमा जैसे उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच रही हैं। उनके उद्यम से वर्तमान में 13 जीविका दीदियों को रोजगार भी मिला है।

सुनीता देवी ने भी किया आवेदन

बिहपुर प्रखंड के बभनगामा पंचायत की निवासी सुनीता देवी, जय महादेव जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। उन्होंने समूह से ऋण लेकर घर से दाल-बड़ी और पापड़ बनाने का काम शुरू किया। गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के कारण उनके सामान की स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है।

अब वह अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत आवेदन किया है। उनका कहना है कि योजना से वित्तीय सहायता मिलने पर आधुनिक मशीनों के जरिए उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी, बेहतर पैकेजिंग की जाएगी और उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाया जाएगा।

इस वर्ष 640 महिला उद्यमियों को लाभ देने का लक्ष्य

जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कार्यरत ग्रामीण महिलाओं के लिए यह योजना काफी लाभदायक साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में भागलपुर जिले की 640 महिला उद्यमियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 142 महिला उद्यमियों के आवेदन एनआरएलएम पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष तक जिले की 718 महिला उद्यमियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

35 प्रतिशत तक मिलता है पूंजी अनुदान

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक क्रेडिट-लिंक्ड पूंजी अनुदान दिया जाता है।

इसके अलावा तकनीकी प्रशिक्षण, क्षमता विकास, गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और विपणन में भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

ओडीओपी के जरिए बाजार तक पहुंच

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) की अवधारणा पर आधारित यह योजना स्थानीय कृषि एवं खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जीविका और पीएमएफएमई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से भागलपुर की ग्रामीण महिलाएं सफल उद्यमी बनकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।

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