स्पेन नहीं, अर्जेंटीना को चुना: मेसी के एक फैसले ने बदल दिया फुटबॉल का इतिहास, जानिए कैसे शुरू हुई यह कहानी

FIFA World Cup 2026: लियोनल मेसी एक बार फिर अर्जेंटीना के कप्तान के रूप में फीफा वर्ल्ड कप फाइनल खेलने जा रहे हैं। यह उनके करियर का तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल होगा। इससे पहले वह 2014 और 2022 में टीम को फाइनल तक ले गए थे, जिसमें 2022 में अर्जेंटीना विश्व चैंपियन बना था। अब वह लगातार दूसरी बार खिताब बचाने के लिए स्पेन के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब मेसी स्पेन की राष्ट्रीय टीम के लिए खेल सकते थे।

एक VHS टेप से शुरू हुई थी कहानी

साल 2002 में अर्जेंटीना के तत्कालीन मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा और उनके सहायक क्लाउडियो विवास बार्सिलोना दौरे पर थे। उसी दौरान मेसी के प्रतिनिधि होरासियो गगिओलो ने विवास को मेसी के खेल की एक VHS टेप दी।

जब विवास ने वह वीडियो बिएल्सा को दिखाया तो उनकी पहली प्रतिक्रिया थी,

“इसे नॉर्मल स्पीड में चलाओ।”

विवास ने जवाब दिया,

“सर, यह नॉर्मल स्पीड ही है… यह लड़का सच में असाधारण है।”

स्पेन चाहता था कि मेसी उसकी टीम से खेलें

उस समय स्पेनिश फुटबॉल संघ पूरी कोशिश कर रहा था कि मेसी स्पेन की राष्ट्रीय टीम से खेलें। क्योंकि वह कम उम्र में ही बार्सिलोना की अकादमी का हिस्सा बन चुके थे और स्पेन में ही विकसित हो रहे थे।

एक शेफ की बात ने बदल दी अर्जेंटीना की सोच

साल 2003 के अंडर-17 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के कोच ह्यूगो टोकाली ने मेसी को टीम में शामिल नहीं किया था। टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को हरा दिया।

मैच के बाद स्पेनिश टीम के एक शेफ ने टोकाली से कहा,

“अगर तुम बार्सिलोना वाले उस लड़के को टीम में ले आते, तो अर्जेंटीना जरूर चैंपियन बनता।”

यह बात टोकाली के दिल में घर कर गई।

आनन-फानन में कराया गया अर्जेंटीना से डेब्यू

देश लौटते ही अर्जेंटीना फुटबॉल संघ ने मेसी को अपनी टीम से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी।

पराग्वे के खिलाफ अर्जेंटीनोस जूनियर्स स्टेडियम में जल्दबाजी में एक फ्रेंडली मैच आयोजित किया गया ताकि मेसी आधिकारिक रूप से अर्जेंटीना के लिए खेल सकें। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपनी शानदार ड्रिब्लिंग से सभी को प्रभावित कर दिया।

अगर स्पेन चुनते तो…

अगर मेसी स्पेन की राष्ट्रीय टीम चुनते, तो वह 2008 से 2012 के बीच स्पेन के स्वर्णिम दौर का हिस्सा बन सकते थे। उसी दौरान स्पेन ने:

  • UEFA Euro 2008
  • FIFA World Cup 2010
  • UEFA Euro 2012

जैसे तीन बड़े खिताब जीते थे।

लेकिन मेसी का फैसला साफ था

इतने बड़े अवसर के बावजूद मेसी ने हमेशा अपनी जन्मभूमि अर्जेंटीना को प्राथमिकता दी।

उनका सपना केवल दो टीमों के लिए खेलना था—

अर्जेंटीना

बार्सिलोना

आज वही फैसला उन्हें अर्जेंटीना के इतिहास का सबसे महान कप्तान और विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े खिलाड़ियों में शामिल करता है।

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