मुंगेर में पहली एकदिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर-सह-कार्यशाला आयोजित, श्रमिकों को योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

मुंगेर जिले में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग (श्रम पक्ष) की ओर से श्रमिकों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने और उनके अधिकारों की जानकारी देने के उद्देश्य से बुधवार को पहली एकदिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संयुक्त श्रम भवन, आईटीआई परिसर, मुंगेर के प्रथम तल स्थित स्थानीय हॉल में आयोजित हुआ। कार्यशाला की अध्यक्षता उप श्रमायुक्त मुंगेर मो. आफताब आलम ने की। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों, विभागीय अधिकारियों तथा सभी पंचायतों के प्रतिनिधि श्रमिकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन सत्र में उप श्रमायुक्त मो. आफताब आलम, श्रम अधीक्षक दिलीप कुमार झा तथा विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाना तथा उन्हें इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाना था।

कार्यशाला में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने श्रमिकों को श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, श्रमिक पंजीकरण, प्रवासी श्रमिकों के अधिकार, सरकारी सहायता, कल्याणकारी योजनाओं के लाभ तथा आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विभाग लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है ताकि अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें और उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में श्रमिक सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में उनका लाभ नहीं ले पाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से श्रमिकों को उनके अधिकारों और विभागीय सुविधाओं के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई ताकि वे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करें।

उप श्रमायुक्त मो. आफताब आलम ने अपने संबोधन में विशेष रूप से बाल श्रम उन्मूलन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और उपस्थित लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रम से मुक्त कराया जाए तथा उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जिलों को बाल श्रम मुक्त बनाना है और इसमें समाज की सहभागिता भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर बाल श्रम की सूचना मिलती है तो तत्काल विभाग को जानकारी दें ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कार्यशाला में विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने श्रमिकों को बताया कि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और विभागीय सहायता किस प्रकार प्राप्त की जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार नई पहल कर रही है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

इस अवसर पर श्रम अधीक्षक दिलीप कुमार झा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विक्रम कुमार, हिमांशु रंजन, विकास कुमार, कुमार रमन, निलेश कुमार, कुमार अमन, अनिकेत सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा करते हुए श्रमिकों को विभाग से निरंतर संपर्क बनाए रखने की सलाह दी।

कार्यशाला में मुंगेर जिले की सभी पंचायतों से प्रतिनिधि श्रमिकों की भागीदारी रही। प्रतिभागियों ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं को लेकर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया। कई श्रमिकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए ताकि योजनाओं की जानकारी हर जरूरतमंद तक पहुंच सके।

अधिकारियों ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं बल्कि श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सरकारी सहायता से जोड़ना भी है। इसके लिए भविष्य में भी पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। विभाग ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के अन्य मजदूरों को भी इन योजनाओं की जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

कार्यक्रम का संचालन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विक्रम कुमार ने किया। अंत में श्रम अधीक्षक दिलीप कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग सदैव श्रमिकों के हितों के लिए कार्य करता रहेगा और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा। कार्यक्रम का समापन श्रमिकों के कल्याण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संकल्प के साथ हुआ।

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