
पटना | बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जनसुराज पार्टी के तीन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान के.सी. सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह को भाजपा की सदस्यता दिलाई। चुनाव प्रचार के बीच हुए इस घटनाक्रम को जनसुराज के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
जनसुराज छोड़ BJP में शामिल हुए ये नेता
भाजपा की सदस्यता लेने वाले नेताओं में शामिल हैं—
- के.सी. सिन्हा – प्रसिद्ध गणितज्ञ, जिन्होंने जनसुराज के टिकट पर कुम्हरार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
- बिट्टू सिंह – जनसुराज के पूर्व दीघा विधानसभा प्रत्याशी।
- गोपाल सिंह – मनेर विधानसभा सीट से जनसुराज के पूर्व उम्मीदवार।
इसके अलावा पटना नगर निगम चुनाव की पूर्व प्रत्याशी विनिता बिट्टू सिंह, डॉ. किशोर कुमार, जनसुराज किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बृजकोशिर सिन्हा, ब्रह्मदेव मांझी समेत सैकड़ों समर्थकों ने भी भाजपा का दामन थाम लिया।
के.सी. सिन्हा बोले – “मोदी भारत को विश्वगुरु बना रहे हैं”
भाजपा में शामिल होने के बाद प्रसिद्ध गणितज्ञ के.सी. सिन्हा ने कहा कि बिहार ज्ञान और शिक्षा की धरती रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को फिर से विश्वगुरु बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह इसी विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं।
गोपाल सिंह का प्रशांत किशोर पर हमला
मनेर के पूर्व प्रत्याशी गोपाल सिंह ने दावा किया कि वह वर्षों तक भाजपा में सक्रिय रहे थे और बाद में जनसुराज में शामिल हुए थे, लेकिन वहां उनकी उम्मीदों के अनुरूप कुछ भी नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि जिस विजन की उम्मीद लेकर वे प्रशांत किशोर के साथ गए थे, वैसा कोई स्पष्ट रोडमैप उन्हें नहीं दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में संगठनात्मक सोच की कमी है और नेतृत्व का रवैया अहंकारी है।
बिट्टू सिंह ने कहा – “जनसुराज जाना मेरी राजनीतिक भूल थी”
पूर्व दीघा प्रत्याशी बिट्टू सिंह ने जनसुराज में जाने को अपनी राजनीतिक गलती बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
उन्होंने कहा कि आवेश में लिया गया फैसला गलत साबित हुआ और अब वह भाजपा के साथ मिलकर पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
भाजपा बोली – पार्टी और मजबूत होगी
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर लगातार लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं के आने से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी और आगामी चुनावों में इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।
बांकीपुर उपचुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पहले से ही राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा ने यहां नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में हैं।
ऐसे में जनसुराज के तीन पूर्व उम्मीदवारों का भाजपा में शामिल होना चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे जनसुराज के लिए मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है।
कायस्थ और राजपूत वोट बैंक पर भाजपा की नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उपचुनाव से पहले सोच-समझकर यह रणनीतिक कदम उठाया है। बांकीपुर क्षेत्र में कायस्थ मतदाताओं की अच्छी संख्या है, जबकि पटना और आसपास के इलाकों में राजपूत वोट बैंक भी निर्णायक भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि के.सी. सिन्हा जैसे चर्चित शिक्षाविद और अन्य नेताओं को भाजपा में शामिल कराने का उद्देश्य इन सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करना हो सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि चुनाव से ठीक पहले हुए इस राजनीतिक बदलाव का असर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर कितना पड़ता है।


