
भागलपुर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 में आने वाले लाखों कांवरियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने इस बार व्यापक तैयारियां की हैं। पहली बार गंगा नदी में दो बोट एंबुलेंस तैनात की जाएंगी, ताकि जल भरने, स्नान या नदी पार करने के दौरान किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में 20 एंबुलेंस, 13 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र और रेफरल अस्पतालों में विशेष चिकित्सा व्यवस्था भी रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज से देवघर तक प्रतिदिन हजारों कांवरिये गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। इस दौरान गर्मी, उमस, भीड़ और लंबी पैदल यात्रा के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ जाती है। वहीं गंगा घाटों पर स्नान और जल भरने के दौरान भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए इस बार नदी में विशेष मेडिकल रेस्क्यू व्यवस्था की गई है।
नमामि गंगे घाट और पुरानी सीढ़ी घाट पर रहेंगी बोट एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि एक बोट एंबुलेंस नमामि गंगे घाट पर और दूसरी पुरानी सीढ़ी घाट पर तैनात रहेगी। दोनों बोट एंबुलेंस नदी में लगातार गश्त करती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल मरीज तक पहुंचेंगी।
इन बोट एंबुलेंस में डॉक्टर, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक उपचार किट, जीवनरक्षक दवाएं और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। यदि किसी कांवरिया की नदी में तबीयत बिगड़ती है या किसी दुर्घटना की स्थिति बनती है, तो मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
13 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भी मिलेगी एंबुलेंस सुविधा
मेला क्षेत्र में बनाए जा रहे 13 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक केंद्र पर एक-एक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। इन शिविरों में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती रहेगी। यहां बुखार, डिहाइड्रेशन, थकान, चोट, ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य सामान्य बीमारियों का तत्काल इलाज किया जाएगा।
कुल 20 एंबुलेंस रहेंगी अलर्ट मोड में
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम मणिभूषण झा ने बताया कि पूरे श्रावणी मेला क्षेत्र में कुल 20 एंबुलेंस तैनात रहेंगी।
इनमें शामिल हैं—
- 13 एंबुलेंस अस्थायी चिकित्सा शिविरों में।
- लगभग 5 एंबुलेंस रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज में।
- 2 विशेष बोट एंबुलेंस गंगा नदी में।
सभी एंबुलेंस 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
गंभीर मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाएगा
स्वास्थ्य विभाग ने रेफरल प्रणाली भी तैयार की है। यदि किसी कांवरिया की हालत गंभीर होती है, तो उसे पहले नजदीकी अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर एंबुलेंस के माध्यम से रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज या मायागंज अस्पताल भागलपुर भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की विशेष निगरानी
श्रावणी मेला के दौरान स्वास्थ्य विभाग का कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। सभी चिकित्सा शिविरों, एंबुलेंस सेवाओं और बोट एंबुलेंस की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने कांवरियों से यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीने, तेज धूप में अधिक देर तक न रुकने, अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य शिविर से संपर्क करने तथा गंगा में स्नान करते समय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
श्रावणी मेला में इस बार स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा पहले की तुलना में और अधिक व्यापक किया गया है। विशेष रूप से गंगा नदी में बोट एंबुलेंस की तैनाती को श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और नई पहल माना जा रहा है।


