‘चारा घोटाले’ को लेकर RJD का BJP पर हमला, पूछा- एक ही मामले में मंत्री और उम्मीदवार के लिए अलग-अलग नियम क्यों?

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा उम्मीदवार बदलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भारतीय जनता पार्टी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर पूर्व भाजपा प्रत्याशी अभिषेक बंटी का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि एक ही तरह के आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को चुनाव मैदान से हटाया जा सकता है, तो उसी मामले से जुड़े दूसरे परिवार के सदस्य को मंत्री पद कैसे दिया जा सकता है।

नीतीश मिश्रा का किया जिक्र

आरजेडी ने अपने पोस्ट में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के बेटे और वर्तमान बिहार सरकार में मंत्री नीतीश मिश्रा का उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि जिस चारा घोटाला मामले का हवाला देकर भाजपा ने अभिषेक बंटी की उम्मीदवारी वापस कराई, उसी मामले से जुड़े पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र आज एनडीए सरकार में दो विभागों के मंत्री हैं।

आरजेडी ने इसे भाजपा का “दोहरे मापदंड” वाला रवैया बताया।

‘प्रशांत किशोर को वॉकओवर देने की रणनीति’ का आरोप

आरजेडी ने आरोप लगाया कि भाजपा की पूरी रणनीति बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई है। पार्टी ने दावा किया कि भाजपा ने उम्मीदवार बदलकर चुनावी मुकाबले की दिशा प्रभावित करने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं का भी किया जिक्र

पोस्ट में आरजेडी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का भी जिक्र करते हुए भाजपा से सवाल पूछा कि यदि नैतिकता के आधार पर उम्मीदवार बदला गया है, तो अन्य नेताओं के मामलों में अलग रवैया क्यों अपनाया जाता है।

बांकीपुर उपचुनाव पर जताया भरोसा

आरजेडी ने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता भाजपा की रणनीति को समझ चुकी है और उपचुनाव में इसका जवाब देगी। पार्टी ने अपने उम्मीदवार की जीत का भी दावा किया।

क्या है चारा घोटाले से जुड़ा मामला?

उपलब्ध न्यायिक दस्तावेजों के अनुसार, भाजपा के पूर्व घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा (बंटी) के पिता रविन्द्र प्रसाद का नाम चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में सामने आया था। वह पटना स्थित एम/एस मगध केमिकल कॉर्पोरेशन में मैनेजर थे। न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार, उन पर फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी राशि प्राप्त करने के आरोप सिद्ध हुए थे और उन्हें दोषी ठहराया गया था।

हालांकि, अभिषेक कुमार सिन्हा स्वयं किसी भी आपराधिक मामले में आरोपी नहीं हैं। उनके चुनावी शपथपत्र के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा लंबित नहीं है।

गौरतलब है कि अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन दाखिल करने के बाद पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। इसके बाद भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का नया उम्मीदवार घोषित किया।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार में रेफरल सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब बिना ठोस कारण बड़े अस्पताल नहीं भेजे जाएंगे मरीज, नई गाइडलाइन जारी

    Share Add as a preferred…

    BPSSC Forest Range Officer Recruitment 2026: बिहार में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के 16 पदों पर भर्ती, 16 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

    Share Add as a preferred…