बांका डबल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी, मुख्य आरोपी हथियार बरामदगी के दौरान हाफ एनकाउंटर में घायल

भागलपुर/बांका। बिहार के बांका जिले में हुए चर्चित बलिया डबल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद हथियार बरामदगी के दौरान हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जंगल में छिपाए गए हथियार को निकालने के दौरान अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। फिलहाल आरोपी का इलाज भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में पुलिस निगरानी में चल रहा है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद कर लिया है और पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा दी है।

यह मामला 5 जुलाई का है, जब बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव के समीप दिनदहाड़े दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों की पहचान धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह के रूप में हुई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर इस मामले में दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। इनमें से एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी सचिन सिंह लगातार फरार चल रहा था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बांका पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। आरोपी की तलाश के लिए बिहार के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई। तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। कई दिनों तक चली तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी झारखंड की राजधानी रांची के एक होटल में छिपा हुआ है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने देर रात रांची पहुंचकर होटल में छापेमारी की और बिना किसी बड़े प्रतिरोध के सचिन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच बांका लाया गया, जहां उससे कई घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बलिया गांव के समीप जंगल में छिपाकर रखा गया है। इसके बाद पुलिस उसे हथियार बरामद कराने के लिए घटनास्थल के पास जंगल में लेकर पहुंची।

पुलिस के अनुसार जंगल में पहुंचने के बाद आरोपी ने अचानक छिपाए गए हथियार को निकाल लिया और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हमले के बाद पुलिसकर्मियों ने अपनी सुरक्षा और सरकारी हथियारों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दोबारा अपने कब्जे में लिया और घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए हथियार भी बरामद कर लिया।

घटना के तुरंत बाद घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए बांका सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति का परीक्षण करने के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है और सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उससे दोहरे हत्याकांड के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, घटना की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी को किस-किस व्यक्ति ने शरण या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई।

जांच के दौरान बरामद हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि इसी हथियार का इस्तेमाल दोहरे हत्याकांड में किया गया था या नहीं। इसके अलावा घटनास्थल से पहले एकत्र किए गए साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट का भी मिलान किया जाएगा ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

बलिया डबल मर्डर केस की गूंज पूरे जिले में सुनाई दी थी। दो लोगों की हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था और पुलिस प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया और अब मुख्य आरोपी को भी पकड़ने में सफलता हासिल कर ली है। हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़ के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गंभीर आपराधिक घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

बांका के पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हथियार बरामद करने के लिए पुलिस टीम जंगल गई थी, जहां आरोपी ने अचानक पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल आरोपी अस्पताल में पुलिस हिरासत में है और उसकी सुरक्षा के साथ-साथ इलाज पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से आगे की पूछताछ में डबल मर्डर केस से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस चर्चित हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश होने की संभावना है।

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