बिहार के विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी, 15 अगस्त के बाद जिलों का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री, मेडिकल कॉलेज से लेकर राशन कार्ड तक कई बड़े ऐलान

पटना। बिहार में विकास योजनाओं की रफ्तार तेज करने और संगठन तथा सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राज्य के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि 15 अगस्त के बाद वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे और वहां चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही प्रत्येक जिले में रात्रि विश्राम कर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और जनसमस्याओं का भी जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार और संगठन के बीच लगातार संवाद और समन्वय आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अब मुख्यमंत्री और एनडीए के सभी घटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों की बैठक प्रत्येक तीन महीने पर आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले वर्ष मार्च से पहले बिहार के सभी जिलों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी जाए। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं अपने ही जिले में उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

बिहार के विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी, 15 अगस्त के बाद जिलों का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री, मेडिकल कॉलेज से लेकर राशन कार्ड तक कई बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य में एक करोड़ नए पात्र परिवारों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और केंद्र सरकार के साथ भी इस विषय पर आवश्यक स्तर पर चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद सरकारी खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

बैठक में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार प्रत्येक घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाने के अभियान को तेज करेगी। पहले चरण में ढाई लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सभी जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तो आने वाले समय में बिहार ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

मुख्यमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने हर महीने पांच विशेष कार्य दिवस निर्धारित किए हैं। प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को प्रखंड स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जाते हैं, जहां लोगों की शिकायतें और आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। इन आवेदनों का निपटारा अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी नागरिक को संतोषजनक समाधान नहीं मिलता है तो उसकी शिकायत दूसरे मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री स्तर पर सुनी जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनता के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार चाहती है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समयबद्ध तरीके से उन्हें राहत मिल सके।

बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक माह की 10 तारीख को लगभग एक करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि भेजी जाती है। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किए जाने से लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए रोजगार आधारित योजनाएं, घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में बढ़ाई गई सहायता राशि के कारण राज्य सरकार पर लगभग 9 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आया है। इसके बावजूद सरकार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन योजनाओं का सफल संचालन कर रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार की निःशुल्क खाद्यान्न योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे करोड़ों गरीब परिवारों को राहत मिली है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में भी व्यापक सुधार हुआ है और अब सरकार सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ रही है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 सूत्री कार्यक्रम और नागरिक परिषद की बैठकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर जिला स्तर पर समितियों का गठन भी किया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी और जनभागीदारी को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल योजनाएं बनाने से नहीं होता, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से होता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, संगठन के कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने सभी नेताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

बैठक में गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने विचार रखे और संगठन तथा सरकार के बीच बेहतर संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि नियमित समीक्षा और जमीनी स्तर पर फीडबैक मिलने से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जनता की समस्याओं का समाधान भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

बैठक में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के अनेक वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, उप मुख्यमंत्री, विभिन्न घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष तथा राज्य सरकार के मंत्री मौजूद रहे। सभी नेताओं ने बिहार के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन और संगठनात्मक मजबूती के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस बैठक को आगामी महीनों में बिहार के विकास एजेंडे की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 15 अगस्त के बाद प्रस्तावित जिला दौरे, नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत, एक करोड़ राशन कार्ड बनाने की योजना, सोलर ऊर्जा अभियान और नियमित समीक्षा बैठकों जैसे फैसले आने वाले समय में राज्य के विकास मॉडल को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

  • ये भी पढ़े..

    काजवलीचक विस्फोट: अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित करने के लिए किराये पर लिया था मकान, जांच में कई अहम खुलासे

    Share Add as a preferred…