
पटना: बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने जा रही है। राज्य सरकार ने शनिवार से इस नई व्यवस्था की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत हाजीपुर निबंधन कार्यालय से होगी, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में यह प्रणाली लागू की जाएगी।
मध्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने बताया कि राज्य के सभी 145 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री लागू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। पहले चरण में हाजीपुर निबंधन कार्यालय में इस व्यवस्था की शुरुआत होगी और उसके बाद आठ से दस चरणों में पूरे बिहार के सभी कार्यालयों को इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन, फ्लैट और अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए लोगों को मोटी फाइलें और कागजी दस्तावेज लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दस्तावेजों की तैयारी, सत्यापन और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली में क्रेता, विक्रेता और संबंधित अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
सरकार का मानना है कि पेपरलेस रजिस्ट्री लागू होने से दस्तावेजों के रखरखाव में आसानी होगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और फर्जीवाड़े की आशंका भी कम होगी। साथ ही आम लोगों को रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए कम समय में बेहतर और पारदर्शी सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी निबंधन कार्यालयों में इस डिजिटल व्यवस्था को जल्द लागू कर रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाए।


