सेमरा ग्रिड में 18 घंटे बिजली गुल रहने की खबर पर विभाग का स्पष्टीकरण, तकनीकी कारणों से हुई थी अस्थायी बाधा

पटना: सेमरा ग्रिड से जुड़े क्षेत्रों में 18 घंटे तक लगातार बिजली आपूर्ति ठप रहने की खबर पर बिजली विभाग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए इसे भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। विभाग का कहना है कि कुछ तकनीकी कारणों से अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति जरूर प्रभावित हुई थी, लेकिन लगातार 18 घंटे तक पूरे क्षेत्र में बिजली बाधित रहने का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान कर विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई थी और वर्तमान में क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

बिजली विभाग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को विद्युत शक्ति उपकेंद्र, सेमरा में पावर ट्रांसफॉर्मर की कमीशनिंग और आवश्यक तकनीकी परीक्षण का कार्य किया जा रहा था। इस प्रक्रिया के कारण दिन के समय कुछ अवधि के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। विभाग ने कहा कि यह कार्य विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा था, इसलिए सीमित समय के लिए आपूर्ति बाधित करना आवश्यक था।

सहायक विद्युत अभियंता अमित कुमार ने बताया कि दिन में निर्धारित तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई थी। हालांकि उसी रात लगभग 11 बजे 33 केवी फीडर में अचानक तकनीकी खराबी उत्पन्न हो गई। विभाग की तकनीकी टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया और लगातार मरम्मत कार्य चलाकर इस खराबी को रात में ही दूर कर लिया गया। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 2 बजे तक फॉल्ट को पूरी तरह ठीक कर दिया गया था, जिसके बाद संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति फिर से सामान्य रूप से बहाल कर दी गई।

विभाग के अनुसार इसके बाद अगले दिन सुबह मौसम में अचानक बदलाव के कारण एक और तकनीकी समस्या सामने आई। आकाशीय बिजली गिरने और तेज विद्युत प्रभाव के कारण 33 केवी फीडर के 15 से अधिक इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। इंसुलेटर बिजली वितरण प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं और इनके खराब होने पर सुरक्षा कारणों से प्रभावित लाइन की मरम्मत करना आवश्यक हो जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि इंसुलेटर बदलने और पूरी लाइन की जांच करने में सामान्य से अधिक समय लगा। तकनीकी टीम ने लगातार कार्य करते हुए सभी क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदला और लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू की। विभाग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया उपभोक्ताओं की सुरक्षा और विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर पूरी की गई।

बिजली विभाग ने स्पष्ट किया कि इन दोनों घटनाओं को जोड़कर लगातार 18 घंटे तक बिजली गुल रहने का दावा करना सही नहीं है। विभाग के अनुसार विभिन्न समय पर अलग-अलग तकनीकी कारणों से सीमित अवधि के लिए आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन बीच-बीच में बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से संचालित भी होती रही। इसलिए पूरे क्षेत्र में लगातार 18 घंटे तक बिजली नहीं रहने की बात तथ्यात्मक रूप से गलत है।

विभाग ने यह भी कहा कि किसी भी तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही अभियंताओं और कर्मचारियों की टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है। खराबी का पता लगाने, आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने और बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने के लिए पूरी टीम लगातार कार्य करती है। सेमरा ग्रिड के मामले में भी सभी फॉल्ट को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया गया और उपभोक्ताओं को कम से कम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया।

अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश के कारण बिजली वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कई बार प्राकृतिक कारणों से इंसुलेटर, लाइन या अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मरम्मत कार्य करना अनिवार्य होता है। यदि बिना जांच के बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाए तो इससे बड़ी तकनीकी दुर्घटना होने की आशंका बढ़ सकती है।

बिजली विभाग ने बताया कि सेमरा ग्रिड से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधार कार्य किए जा रहे हैं। पुराने उपकरणों को आधुनिक तकनीक से बदला जा रहा है तथा समय-समय पर ट्रांसफॉर्मर, फीडर और अन्य विद्युत संरचनाओं का निरीक्षण भी किया जाता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं की संभावना कम हो सके।

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली आपूर्ति से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या बिजली बाधित होने की स्थिति में उपभोक्ता अपने संबंधित विद्युत कार्यालय या हेल्पलाइन के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अपुष्ट या भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास करने से बचने की सलाह भी दी गई है।

अधिकारियों ने कहा कि बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्राकृतिक आपदाओं और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद विद्युत आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य करना विभाग की जिम्मेदारी है और इसी दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक, नियमित अनुरक्षण और त्वरित मरम्मत व्यवस्था के कारण अधिकांश तकनीकी समस्याओं का समाधान कम समय में किया जा रहा है।

बिजली विभाग ने अंत में दोहराया कि सेमरा ग्रिड क्षेत्र में वर्तमान समय में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सभी तकनीकी खराबियों को दूर कर दिया गया है और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि लगातार 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने का दावा वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं है। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द सामान्य बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।

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