श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज, आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा, एक सप्ताह में लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश

भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के मद्देनजर भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त सह मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों प्रमंडलों के सभी जिलों के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक, मुंगेर प्रमंडल के पुलिस उप महानिरीक्षक, भागलपुर प्रमंडल के पुलिस महानिरीक्षक तथा रेलवे के मालदा मंडल के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मेला से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से जिलेवार तैयारियों की जानकारी ली गई और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिन कार्यों में देरी पाई गई, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया ताकि मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें।

समीक्षा बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा हुई। आयुक्त ने सभी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र, कांवरिया पथ और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही बाहर से आने वाले पुलिस बल और अधिकारियों के लिए आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था करने को कहा गया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए मेला क्षेत्र में आधुनिक निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनके माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि कैमरों की संख्या पर्याप्त हो तथा उनका नियंत्रण प्रभावी मॉनिटरिंग सेंटर से किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

श्रावणी मेला के दौरान लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि पूरे कांवरिया पथ और प्रमुख पड़ावों पर पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालय स्थापित किए जाएं। इनकी नियमित साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए अलग से निगरानी व्यवस्था भी बनाई जाए ताकि स्वच्छता बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कांवरिया पथ और सभी प्रमुख विश्राम स्थलों पर नए चापाकल लगाए जाएं। साथ ही पहले से स्थापित चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें शीघ्र चालू कराया जाए। पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तैयार रखने का निर्देश दिया गया।

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। मेला क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित रूप से कचरा उठाव और उसके सुरक्षित निष्पादन के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने तथा पूरे मेला अवधि के दौरान लगातार सफाई अभियान चलाने को कहा गया।

पथ निर्माण विभाग को निर्देश दिया गया कि कांवरिया पथ पर निर्धारित समय सीमा के भीतर बालू बिछाने का कार्य पूरा किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए कांवरिया पथ को सुरक्षित और सुगम बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

विद्युत व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि कांवरिया पथ तथा सभी होल्डिंग प्वाइंट पर लगे विद्युत पोल, तार और स्ट्रीट लाइट की जांच तत्काल पूरी की जाए। जहां भी ढीले तार, खराब पोल या अन्य तकनीकी खामियां हों, उन्हें एक सप्ताह के भीतर ठीक किया जाए। साथ ही पूरी यात्रा मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी व्यापक तैयारी करने पर जोर दिया गया। बैठक में निर्देश दिया गया कि पूरे कांवरिया पथ और सभी प्रमुख होल्डिंग प्वाइंट पर अस्थायी चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में चिकित्सक, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया गया।

श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेला क्षेत्र में संचालित होने वाले भोजनालयों की निगरानी के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि भोजन की दरों का निर्धारण किया जाए और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करे कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो।

आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी विशेष चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमों की प्रतिनियुक्ति की जाए। बाढ़, दुर्घटना या अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।

पर्यटन विभाग को निर्देश दिया गया कि मेला के दौरान प्रस्तावित टेंट सिटी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र में उपलब्ध सभी सुविधाओं की जानकारी होर्डिंग, बैनर और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाए।

बैठक में बांका जिले के चांदन प्रखंड में विकसित किए जा रहे पार्किंग स्थल की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पार्किंग स्थल पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने और उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

अंत में आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेला 2026 के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष श्रावणी मेला पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित, स्वच्छ और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक वातावरण में संपन्न हो, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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