
पटना: बिहार सरकार राज्य के इथेनॉल उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत बिहार में उत्पादित इथेनॉल को अब केवल पेट्रोलियम कंपनियों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि अन्य औद्योगिक उपयोग के लिए भी राज्य के बाहर भेजने की अनुमति दी जाएगी।
उद्योग विभाग के अनुरोध पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस एसओपी को वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा गया है। वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
शराब बनाने से रोकने के लिए होंगे विशेष सुरक्षा उपाय
नई नीति के तहत बिहार से बाहर भेजे जाने वाले इथेनॉल में 12 निर्धारित विकारक (डिनैचर्ड कंपोनेंट) मिलाए जाएंगे, ताकि उसका इस्तेमाल शराब बनाने में नहीं किया जा सके। इन सुरक्षा उपायों के बाद ही इथेनॉल को अन्य राज्यों में औद्योगिक उपयोग के लिए परिवहन की अनुमति मिलेगी।
इथेनॉल उद्योग को मिलेगा नया बाजार
सरकार का मानना है कि इस फैसले से बिहार के इथेनॉल उद्योग को बड़ा बाजार उपलब्ध होगा। वर्तमान में पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा निर्धारित खरीद कोटा उत्पादन की तुलना में कम होने के कारण कई इथेनॉल संयंत्रों को उत्पादन और विपणन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद इथेनॉल का उपयोग रसायन, फार्मा, पेंट, कॉस्मेटिक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जा सकेगा, जिससे उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे।
किसानों को भी होगा फायदा
सरकार का मानना है कि इथेनॉल की मांग बढ़ने से गन्ना और अन्य कृषि आधारित कच्चे माल की खपत भी बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।
उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर आगे बढ़ी प्रक्रिया
दरअसल, पेट्रोलियम कंपनियों की सीमित खरीद के कारण कई इथेनॉल संयंत्रों के सामने विपणन की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसी को देखते हुए उद्योग विभाग ने इथेनॉल को अन्य औद्योगिक उपयोग के लिए राज्य से बाहर भेजने की अनुमति देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, जिस पर अब तेजी से कार्रवाई हो रही है।
शराबबंदी के बाद पहली बड़ी पहल
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बाद बिना विकारक (Undenatured) इथेनॉल के परिवहन और राज्य से बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इस प्रतिबंध में सीमित छूट देने की तैयारी की जा रही है।
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो यह फैसला बिहार के इथेनॉल उद्योग, निवेश, रोजगार और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है।


