भागलपुर पुलिस की मासिक अपराध समीक्षा बैठक: जून में 746 नए केस दर्ज, 1044 मामलों का हुआ निष्पादन; SSP ने दिए सख्त निर्देश

भागलपुर: भागलपुर जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की अध्यक्षता में जून 2026 की मासिक अपराध गोष्ठी सह पुलिस सभा का आयोजन किया गया। बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस उपाधीक्षक, अंचल पुलिस निरीक्षक, सभी थानाध्यक्ष, पुलिस कार्यालय एवं पुलिस केंद्र के शाखा प्रभारी सहित जिले के सभी प्रमुख पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता, लंबित मामलों के निष्पादन, गिरफ्तारी अभियान और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में SSP ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी पुलिस पदाधिकारी कंप्यूटर संचालन, ई-साक्ष्य (e-Sakshya) एप तथा विभिन्न डिजिटल पोर्टलों का दक्षतापूर्वक उपयोग सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अनुसंधान प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

शहर में बाइक चोरी रोकने के लिए चलेगा विशेष अभियान

बैठक में शहर में लगातार हो रही बाइक और अन्य संपत्ति चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। SSP ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्ती बढ़ाई जाए ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

पीड़ितों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि थानों में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की शिकायत पर त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों के निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

जून में 746 नए केस, 1044 मामलों का निष्पादन

अपराध समीक्षा बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जून 2026 में जिले में कुल 746 नए आपराधिक मामले दर्ज हुए, जबकि इसी अवधि में 1044 मामलों का निष्पादन किया गया। दर्ज मामलों की तुलना में अधिक मामलों का निष्पादन पुलिस की लंबित केसों के निपटारे की दिशा में सक्रियता को दर्शाता है। SSP ने लंबित मामलों को और तेजी से निष्पादित करने का निर्देश दिया ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

गंभीर मामलों की समीक्षा, गिरफ्तारी अभियान तेज करने का आदेश

बैठक में जून माह के गंभीर अपराधों के साथ-साथ पुराने लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गंभीर मामलों में अनुसंधान में तेजी लाई जाए और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाए। प्रत्येक अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को गिरफ्तारी अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया।

जमानत पर बाहर अपराधियों की होगी निगरानी

SSP ने सभी थानों को निर्देश दिया कि जमानत पर बाहर आए अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी नियमित निगरानी और सत्यापन किया जाए। इससे दोबारा अपराध करने वाले अपराधियों पर नियंत्रण रखने और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।

वारंट और कुर्की की कार्रवाई में तेजी लाने का आदेश

बैठक में फरार अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय से वारंट प्राप्त करने, कुर्की की कार्रवाई करने तथा न्यायालय के आदेशों का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि न्यायालय से संबंधित मामलों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

भूमि विवाद और आईटी एक्ट मामलों पर विशेष फोकस

SSP ने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों का थाने स्तर पर अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निष्पादन किया जाए। इसके अलावा आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में त्वरित प्राथमिकी दर्ज करने और प्रभावी अनुसंधान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतने पर बल दिया गया।

संवेदनशील इलाकों में गश्ती बढ़ाने और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के निर्देश

अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्ती बढ़ाने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया की 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

पुलिस व्यवस्था और संसाधनों की भी हुई समीक्षा

मासिक पुलिस सभा के दौरान पुलिसकर्मियों की कार्यस्थिति, संसाधनों की उपलब्धता, ड्यूटी प्रबंधन, स्वास्थ्य कल्याण और प्रशासनिक समस्याओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों और कर्मियों से प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखने और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारी हुए सम्मानित

बैठक के अंत में जून 2026 के दौरान अधिक मामलों का सफल निष्पादन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें ततारपुर, नाथनगर, कोतवाली, ललमटिया, बरारी, सबौर, अकबरनगर, ईशीपुर बाराहाट, गोराडीह, औद्योगिक क्षेत्र, मधुसूदनपुर, हबीबपुर, जगदीशपुर, शिवनारायणपुर, जोगसर सहित कई थानों के पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने से पूरे पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित होती है।

अपराध नियंत्रण पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में SSP ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। आने वाले महीनों में जिले में विशेष अभियान चलाकर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी।

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