
भागलपुर। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 39 निवासी नाजिया परवीन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। मंगलवार को नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एस जेड हसन पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों को गंभीरता से सुना।
परिजनों से बातचीत के दौरान एस जेड हसन को बताया गया कि नाजिया परवीन 30 जून की सुबह लगभग साढ़े चार बजे मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थीं। परिवार के अनुसार वह रोजाना की तरह सुबह टहलने के उद्देश्य से बाहर गई थीं, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वापस नहीं लौटीं। इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की और आसपास के इलाकों में खोजबीन की।
परिवार का कहना है कि खोजबीन के दौरान उन्हें प्रशासन की ओर से एक तस्वीर भेजी गई, जिसमें एक युवती का शव दिखाई दे रहा था। तस्वीर देखने के बाद परिजनों ने उसकी पहचान नाजिया परवीन के रूप में की। इसके बाद जब वे शव लेने पहुंचे तो उन्होंने कुछ ऐसे तथ्य बताए, जिनके आधार पर उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
परिजनों के अनुसार नाजिया जिस समय घर से निकली थीं, उस समय उन्होंने अलग कपड़े पहन रखे थे, जबकि शव मिलने के समय उनके कपड़े बदले हुए थे। परिवार का दावा है कि इस पहलू सहित कई अन्य परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जानी चाहिए। परिजनों ने अपने पास उपलब्ध कुछ जानकारियां और तथ्यों से भी एस जेड हसन को अवगत कराया।
एस जेड हसन ने परिवार की बातें सुनने के बाद मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से फोन पर बातचीत की। उन्होंने परिजनों द्वारा उठाए गए सभी सवालों और आशंकाओं की जानकारी पुलिस प्रशासन को दी तथा पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने का अनुरोध किया।
बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन से कहा कि यदि घटना में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और जांच ऐसी होनी चाहिए जिससे किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे।
एस जेड हसन के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उन्हें बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, उपलब्ध तथ्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा सार्वजनिक रूप से किया जाएगा।
पीड़ित परिवार को संबोधित करते हुए एस जेड हसन ने कहा कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाकर मामले की प्रगति पर नजर रखी जाएगी ताकि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष परिवार को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में किसी की मौत होती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना बेहद आवश्यक है। इससे आम लोगों का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होता है।
मुलाकात के दौरान उपस्थित अन्य राजद नेताओं ने भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए और जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
इस अवसर पर राजद नेता शिशुपाल भारती, अरविंद यादव, नवाज़ आलम सहित पार्टी के कई स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और न्याय की लड़ाई में साथ रहने का भरोसा दिलाया।
उधर, इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी विभिन्न प्रकार की चर्चाएं जारी हैं। हालांकि अब तक घटना के कारणों को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे मामले का सच पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कानूनी जानकारों का मानना है कि किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, घटनास्थल से मिले सबूत और अन्य तकनीकी तथ्यों की अहम भूमिका होती है। इसलिए जांच एजेंसियों के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार करना आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और संबंधित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर कायम है। एस जेड हसन ने भी कहा कि वे जांच पूरी होने तक मामले की प्रगति पर नजर रखेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई हो।
यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। ऐसे में घटना से जुड़े कारणों, परिस्थितियों या किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


