अररिया से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस, मेडिकल कॉलेज और फारबिसगंज एयरपोर्ट को मिलेगी रफ्तार

पटना/अररिया। बिहार सरकार ने सीमांचल क्षेत्र के विकास, कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड स्थित हरिपुर पंचायत सरकार भवन परिसर में आयोजित सहयोग शिविर में शामिल होकर राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और कई नई घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार में अपराधियों और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पहले की तरह सख्ती से जारी रहेगी। साथ ही अररिया में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फारबिसगंज में एयरपोर्ट और सीमांचल क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी आधारभूत परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार गांव-गांव पहुंचकर आम नागरिकों की शिकायतें सुन रही है ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें न्याय समय पर मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्यभर में अब तक 4 लाख 53 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4 लाख 25 हजार से ज्यादा मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने इसे प्रशासनिक जवाबदेही और बेहतर कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अररिया जिले में प्राप्त 7,130 आवेदनों में से 6,845 मामलों का समाधान किया जा चुका है, जबकि केवल 285 आवेदन लंबित हैं। हरिपुर पंचायत में भी अधिकांश शिकायतों का निपटारा हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की ओर से मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरती गई है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी और प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी तय समय के भीतर निभानी होगी।

उन्होंने घोषणा की कि सहयोग शिविर में जिन मामलों का समाधान नहीं हो पाया है या आवेदकों को लगता है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ, उनकी सुनवाई अब मुख्यमंत्री स्तर पर भी होगी। प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में ऐसे मामलों की विशेष समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि हर नागरिक को न्याय मिले और कोई भी शिकायत अनसुनी न रह जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं का भी विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार को विकास परियोजनाओं के लिए पहले की तुलना में अधिक वित्तीय सहायता मिल रही है। इस अतिरिक्त संसाधन का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ऊर्जा और आधारभूत संरचना के विस्तार में किया जाएगा, जिससे राज्य के सभी क्षेत्रों में समान विकास सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विधवा, दिव्यांग और वृद्धजन पेंशन की राशि बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रति माह कर दी गई है। इसके अलावा राज्य के प्रत्येक परिवार को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जिन घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे और निर्धारित सीमा से अधिक बिजली उत्पादन होगा, वहां अतिरिक्त बिजली की खरीद कर सरकार सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भुगतान करेगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ लोगों की आय में भी वृद्धि होगी।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई तक राज्य के सभी शेष 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी। इसके साथ ही सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मॉडल स्कूलों और हाई स्कूलों में कोचिंग की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।

स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर फैल रही चर्चाओं पर भी मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों पर किसी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लगाया जाएगा। केवल व्यावसायिक और वाणिज्यिक वाहनों से ही टोल शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहती और इस संबंध में किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।

कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार अपराध और अवैध घुसपैठ के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 735 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में 194 सीमा चौकियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और राज्य में कानून का राज सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा।

सीमांचल क्षेत्र के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि फारबिसगंज एयरपोर्ट के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। अररिया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए भी जमीन उपलब्ध है तथा जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। इसके अलावा गोरखपुर-सिलीगुड़ी फोरलेन, कोसी-मेची परियोजना, बैरगाछी-सिकटी सड़क, टैक्सगंज-सुकेला बाईपास और सुभाष चौक आरओबी जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन योजनाओं के पूरा होने से सीमांचल क्षेत्र में आवागमन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिन लाभार्थियों के खातों में अब तक राशि नहीं पहुंची है, उन्हें इसी महीने भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सांकेतिक स्वीकृति पत्र और सहायता भी वितरित की गई। अभियान बसेरा-2, आयुष्मान वय वंदन कार्ड, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, मुख्यमंत्री अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना तथा मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के चयनित लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने के सरकार के प्रयासों को बल मिला।

समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सीमांचल क्षेत्र के विकास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार तथा आधारभूत संरचना से जुड़ी सभी प्रमुख परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी प्रशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सीमांचल सहित पूरे बिहार में विकास की रफ्तार और तेज होगी तथा आम नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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