भागलपुर में घर छोड़ निकली किशोरी छह माह में तीन बार बिकी, आर्केस्ट्रा की पार्टियों ने उसे खरीदा

भागलपुर के कहलगांव थाना इलाके की 17 वर्षीय किशोरी को डायल 112 की पुलिस टीम ने मंगलवार शाम साढ़े चार बजे गन्नीपुर मोहल्ला से बरामद किया। थाना पर आने के बाद किशोरी ने जो आपबीती बताई वह रोंगटे खड़ी करने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि छह माह पहले गुस्से में वह घर से निकल गई थी। रेलवे स्टेशन पर थी, सोच रही थी घर लौट जाए या कहीं और चली जाए। इसी उधेड़बुन में थी कि रात में किसी ने उसे बेहोश कर एक कमरे में बंद कर दिया।

पूर्णिया का एक ऑर्केस्ट्रा संचालक उसे 30 हजार रुपये में खरीदकर भागलपुर से अपने पास ले आया। फिर पूर्णिया के ऑर्केस्ट्रा संचालक ने मोतिहारी के दूसरे ऑर्केस्ट्रा संचालक के हाथों उसे बेच दिया। मोतिहारी में उसके साथ वह सबकुछ हुआ जिसका वर्णन करना मुश्किल है। ऑर्केस्ट्रा में काम करने वाले राजकुमार नामक एक युवक ने उससे विवाह कर लिया। इसके बाद वह माथे में सिंदूर लगाने लगी। लेकिन, राजकुमार ने उसे पत्नी की तरह अपने साथ नहीं रखा, नहीं अपने घर ले गया।

किशोरी ऑर्केस्ट्रा में काम करती रही, लेकिन राजकुमार के नाम का सिंदूर लगाने के कारण उसे अब हर कोई अपनी हवस का शिकार नहीं बनाता था। बीते 15 दिन पहले मोतिहारी के ऑर्केस्ट्रा संचालक महेश प्रसाद ने उसे मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर में एक महिला के पास भेज दिया। यहां उसे बंधक बनाकर रखा गया। जब किशोरी घर जाना चाही तो महिला ने उससे कहा कि 30 हजार रुपये दे दो और जहां दिल चाहे चली जाओ। गन्नीपुर से निकलना किशोरी को आसान लगा।

उसने हिम्मत जुटाकर डायल 112 पर कॉल की। 15 मिनट में पुलिस गन्नीपुर में पहुंच गई। पुलिस को देख महिला मौके से फरार हो गई। किशोरी को काजी मोहम्मदपुर थाने लाया गया। उसकी आपबीती सुनने के बाद पुलिस ने पूछा कि ऑर्केस्ट्रा में उसने इतना जुल्म क्यों सहा। कहीं भी प्रोग्राम के दौरान वह शोर मचा सकती थी।

बहुत सारे मददगार खड़े हो जाते। किशोरी ने कहा कि शुरुआत में इतना मारा पीटा गया कि वह लाचार हो गई। यौन हिंसा की सारी हदें पार कर दी गईं। हर प्रोग्राम से पहले बता दिया जाता था कि पिस्टल लिए कई युवक आसपास खड़े हैं। मुंह खोलने की कोशिश करने पर गोली मार दी जाएगी। डर से शोर मचाने या भागने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।

कहलगांव में दर्ज हुआ था किशोरी के अपहरण का केस

किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता कहलगांव में काम करते हैं। काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस ने कहलगांव थाना से संपर्क किया तो पता चला कि उसके अपहरण की एफआईआर तीन दिसंबर 2022 को कहलगांव थाने में उसके पिता ने दर्ज कराई थी। इधर, किशोरी ऑर्केस्ट्रा संचालकों के जंजाल में फंसी रही। काजी मोहम्मदपुर थानेदार दिगंबर कुमार ने बताया कि कहलगांव थाने की पुलिस को सूचना दे दी गई है। किशोरी को उसे सौंप दिया जाएगा। कहलगांव पुलिस किशोरी का 164 का बयान दर्ज कराएगी।

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