
जमालपुर / मुंगेर:बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर रेलवे स्टेशन से तीन वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की त्वरित कार्रवाई से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना शनिवार तड़के की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार बच्चा अपने परिजनों के साथ स्टेशन परिसर में मौजूद था। इसी दौरान बच्चा चोर गिरोह के दो सदस्य मौके का फायदा उठाकर मासूम को लेकर फरार होने लगे। अचानक बच्चे को ले जाते देख परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
RPF और GRP ने दिखाई तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ और जीआरपी की टीम तुरंत हरकत में आ गई। अधिकारियों ने स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी शुरू कर दी। जांच के दौरान ट्रेन नंबर 15743 अप फरक्का एक्सप्रेस में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की तेज कार्रवाई के चलते बच्चे को जमालपुर से किऊल के बीच ट्रेन से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस दौरान एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
50 हजार में बेचने की थी तैयारी
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी बच्चे को पटना ले जाकर 50 हजार रुपये में बेचने की तैयारी कर रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस को मानव तस्करी से जुड़े बड़े गिरोह की आशंका है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और पहले कितने बच्चों की तस्करी की जा चुकी है।
आरोपी गिरफ्तार, गिरोह की तलाश जारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुंगेर जिले के महदमपुर निवासी युवक के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर गिरोह के बाकी सदस्यों और संभावित खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की निशानदेही पर पटना समेत अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की जा सकती है।
परिवार ने ली राहत की सांस
मासूम के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। घटना के बाद परिवार पूरी तरह सदमे में था। बच्चे के दादा-दादी और माता-पिता ने पुलिस टीम की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों पर विशेष नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


