
भागलपुर / सुल्तानगंज:विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर रेलवे ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। हर वर्ष लाखों कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार सुल्तानगंज आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सात विशेष श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। इन ट्रेनों के शुरू होने से कांवरियों को यात्रा के दौरान बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मालदा रेल मंडल की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। अंतिम मंजूरी मिलते ही इन ट्रेनों की समय-सारिणी और रूट चार्ट जारी कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मेला शुरू होने से पहले ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना समय पर बना सकें।
किन रूटों पर चल सकती हैं स्पेशल ट्रेनें?
रेलवे सूत्रों के अनुसार संभावित स्पेशल ट्रेनों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इनमें प्रमुख रूट इस प्रकार हैं—
- सुल्तानगंज – भागलपुर – देवघर रूट
यह कांवरियों का सबसे व्यस्त रूट माना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जाते हैं। इसलिए लोकल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। - पटना – भागलपुर – सुल्तानगंज रूट
राजधानी पटना और आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इंटरसिटी स्तर की विशेष ट्रेन प्रस्तावित है। - गोरखपुर / उत्तर प्रदेश – भागलपुर रूट
उत्तर प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए लंबी दूरी की ट्रेन पर विचार किया जा रहा है। - हावड़ा / कोलकाता – भागलपुर रूट
पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावणी मेला में पहुंचते हैं, इसलिए इस रूट पर भी स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है।
नियमित ट्रेनों पर कम होगा दबाव
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हर साल श्रावणी मेला के दौरान भागलपुर रेलखंड पर यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन से न केवल भीड़ नियंत्रित होगी बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा भी मिल सकेगी।
रेलवे का मानना है कि इससे टिकट को लेकर होने वाली मारामारी भी कम होगी।
अतिरिक्त टिकट काउंटर और सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भागलपुर और सुल्तानगंज स्टेशन पर अतिरिक्त एटीवीएम और मैनुअल टिकट काउंटर खोले जाएंगे। इससे लंबी कतारों में कमी आएगी। रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क, मेडिकल सहायता और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालुओं की उम्मीद
हर साल सावन महीने में लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरते हैं और करीब 105 किलोमीटर पैदल यात्रा कर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इस दौरान रेलवे, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों पर भारी दबाव रहता है।
इस बार रेलवे की तैयारी संकेत दे रही है कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा व्यवस्था को पहले से अधिक सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। श्रावणी मेला 2026 में इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन लाखों कांवरियों के लिए राहत भरी खबर साबित हो सकता है।


