बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना में तकनीकी खराबी, निर्माण स्थल पर हादसे में चार श्रमिक घायल

बिहार की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना से शनिवार को एक चिंताजनक खबर सामने आई, जहां निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी खराबी के कारण एक दुर्घटना हो गई। इस हादसे में निर्माण स्थल पर काम कर रहे चार श्रमिक घायल हो गए। घटना के बाद परियोजना स्थल पर तत्काल राहत और जांच कार्य शुरू कर दिया गया, जबकि घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी श्रमिकों का समुचित इलाज कराया जा रहा है और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना 4 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 9 बजे हुई। उस समय बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना के P-38 पिलर पर निर्माण कार्य जारी था। निर्माण प्रक्रिया के दौरान CFT मशीन का उपयोग किया जा रहा था, जो परियोजना के महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख मशीनों में से एक है। अचानक मशीन के एक हिस्से में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे उसके नीचे लगी ट्रे असंतुलित होकर एक ओर झुक गई। मशीन के झुकते ही वहां कार्यरत श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद श्रमिकों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। ट्रे के एक तरफ झुकने के कारण कार्यरत चार मजदूर इसकी चपेट में आ गए और घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद निर्माण स्थल पर मौजूद अन्य श्रमिकों और अधिकारियों ने राहत कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक सहायता देने के बाद तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्र भेजा गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सभी घायल श्रमिकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। चिकित्सकीय टीम द्वारा आवश्यक जांच और उपचार जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घायलों को गंभीर स्थिति से बाहर बताया जा रहा है, हालांकि विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे।

घटना के बाद पथ निर्माण विभाग ने तत्काल तकनीकी जांच के आदेश दिए। विभागीय इंजीनियरों और विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया ताकि मशीन में आई खराबी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक स्तर पर मशीन के मैकेनिकल सिस्टम, लोड बैलेंसिंग और ऑपरेशनल सेफ्टी पैरामीटर की जांच शुरू की गई है। विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि खराबी मशीन की आंतरिक तकनीकी समस्या के कारण हुई या किसी अन्य बाहरी कारण ने इस दुर्घटना को जन्म दिया।

बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना में तकनीकी खराबी, निर्माण स्थल पर हादसे में चार श्रमिक घायल

पथ निर्माण विभाग ने कहा है कि परियोजना स्थल पर आवश्यक मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है। प्रभावित मशीनरी के सभी हिस्सों की जांच के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का दोबारा मूल्यांकन किया जा रहा है। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और निर्माण कार्य पूरी सुरक्षा के साथ आगे बढ़े।

बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना बिहार की प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं में गिनी जाती है। यह पुल क्षेत्रीय परिवहन को मजबूत करने के साथ-साथ आवागमन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। परियोजना पूरी होने के बाद कई जिलों के बीच यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है। यही कारण है कि इस परियोजना की प्रगति पर सरकार और प्रशासन दोनों की विशेष नजर बनी रहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पुल निर्माण कार्यों में अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग आवश्यक होता है, लेकिन इनके संचालन में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन भी उतना ही जरूरी है। निर्माण स्थलों पर भारी मशीनों, ऊंचाई पर काम और बड़े भार के कारण जोखिम स्वाभाविक रूप से अधिक रहता है। ऐसे में नियमित तकनीकी निरीक्षण, मशीन मेंटेनेंस और श्रमिकों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने कहा कि निर्माण कार्य की गति और समयसीमा महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन किसी भी स्थिति में सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परियोजना से जुड़े सभी ठेकेदारों और तकनीकी एजेंसियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया गया है।

हादसे के बाद श्रमिक सुरक्षा को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। श्रमिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा ऑडिट की आवृत्ति बढ़ाई जानी चाहिए। नियमित अंतराल पर मशीनों की जांच और कार्यस्थल सुरक्षा समीक्षा से इस तरह की दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही श्रमिकों के लिए सुरक्षात्मक उपकरणों की उपलब्धता भी अनिवार्य होनी चाहिए।

फिलहाल विभाग का ध्यान दो प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है—पहला, घायल श्रमिकों का बेहतर उपचार और दूसरा, तकनीकी खराबी के कारणों की गहन जांच। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई भी संभव है।

बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना में हुआ यह हादसा एक महत्वपूर्ण याद दिलाता है कि बड़े निर्माण कार्यों में तकनीक और सुरक्षा का संतुलन बेहद आवश्यक है। परियोजना की गुणवत्ता, श्रमिकों की सुरक्षा और समयबद्ध निर्माण के प्रति विभाग ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट यह स्पष्ट करेगी कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए किन अतिरिक्त उपायों की जरूरत होगी। फिलहाल सभी की नजर घायलों के स्वास्थ्य और परियोजना स्थल पर चल रही जांच पर टिकी हुई है।

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