बजरंगी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, लूट का दिखावा करने के लिए आरोपी सीमा साथ ले गई थी फाइलें और दस्तावेज

भागलपुर के चर्चित बिल्डर बजरंगी हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस हिरासत में आरोपी सीमा ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में घटना की पूरी साजिश का खुलासा किया है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि हत्या को लूट या चोरी की वारदात साबित करने के लिए वह मौके से कई जरूरी फाइलें, जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान अपने साथ ले गई थी, ताकि पुलिस की जांच का रुख भटकाया जा सके।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीमा ने बयान में बताया कि बजरंगी कुमार से उसका लंबे समय से संपर्क था और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रहती थी। धीरे-धीरे यह संबंध इतना गहरा हो गया कि सीमा का बजरंगी के कार्यालय आना-जाना भी बढ़ गया था। इसी दौरान उसने कार्यालय की गतिविधियों और वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पूरी जानकारी जुटा ली थी, जिसका इस्तेमाल बाद में वारदात के दौरान किया गया।

जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन बजरंगी ने खुद सीमा को फोन कर बुलाया था। सीमा ट्रेन से पीरपैंती से भागलपुर पहुंची और वहां से ऑटो के जरिए तिलकामांझी स्थित कार्यालय पहुंची। पुलिस के अनुसार, वह अपने साथ हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार भी लेकर आई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन देर रात हालात अचानक बदल गए।

आरोपी सीमा ने पुलिस को बताया कि रात में खाना खाने और नशा करने के बाद बजरंगी का व्यवहार आक्रामक और हिंसक हो गया। आरोप है कि उसने सीमा के साथ जबरदस्ती और अमानवीय व्यवहार करना शुरू कर दिया। सीमा के अनुसार, पहले उसने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तो उसने आत्मरक्षा और गुस्से में धारदार हथियार से हमला कर दिया।

पुलिस जांच के मुताबिक हमला इतना तेज था कि बजरंगी को संभलने का मौका नहीं मिला। गर्दन, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर वार किए गए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद सीमा कुछ देर तक वहीं रुकी रही और फिर अपने अगले कदम को अंजाम दिया।

हत्या के बाद सीमा ने सुनियोजित तरीके से कार्यालय में मौजूद कई जरूरी फाइलें, जमीन संबंधी दस्तावेज, बैग और अन्य सामान समेट लिया। पुलिस का मानना है कि इसका उद्देश्य साफ था— हत्या को व्यक्तिगत दुश्मनी या लूटपाट की घटना की तरह पेश करना। इससे जांच एजेंसियों का ध्यान वास्तविक कारणों से हट सकता था।

एसएसपी की निगरानी में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की परतें खोलीं। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की गतिविधियों से जुड़े कई अहम सबूत मिले, जिसके बाद सीमा की गिरफ्तारी संभव हो सकी। पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

हालांकि पुलिस अभी भी इस केस के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल हत्या का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे आर्थिक, व्यक्तिगत और आपराधिक संबंधों की कई परतें हो सकती हैं। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

फिलहाल बजरंगी हत्याकांड ने पूरे भागलपुर में सनसनी फैला दी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।

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