
पटना: बिहार सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य सरकार द्वारा निर्मित स्टेट हाईवे पर भी टोल टैक्स वसूलने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इससे सड़कों के रखरखाव, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थायी वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने सरकार के निर्णय का बचाव किया और कहा कि यह राज्य के हित में लिया गया कदम है।
“फ्री की रेबड़ी कब तक बांटेंगे?”
पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा,
“हां, अच्छा निर्णय है, क्योंकि फ्री की रेबड़ी कब तक बांटते रहेंगे। हम लोग रोड का अच्छा मेंटेनेंस देंगे। जनता भी चाहती है कि सड़क अच्छी रहे, सुरक्षित रहे और दुर्घटनाएं कम हों। जब तक कुछ संसाधन नहीं आएंगे, तब तक सड़क का बेहतर रखरखाव कैसे होगा?”
उन्होंने कहा कि सड़कों के रखरखाव के लिए धन की आवश्यकता होती है और टोल से मिलने वाली राशि इसी उद्देश्य के लिए खर्च की जाएगी।
“बिहार की जनता समझदार है”
मंत्री ने आगे कहा,
“बिहार की जनता समझदार है। वह लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव वाली राजनीति में विश्वास करने वाली जनता नहीं है। जनता ने सोच-समझकर हमें बड़ा जनादेश दिया है।”
“शुरुआत में थोड़ी करकराहट होगी”
स्टेट हाईवे पर टोल वसूली को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति तय हो चुकी है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा,
“जब ट्रेन स्टेशन से चलती है तो शुरुआत में थोड़ी करकराहट होती है। यहां भी शुरुआत में थोड़ी दिक्कत होगी, लेकिन बाद में व्यवस्था पूरी तरह स्मूथ हो जाएगी।”
सरकार का क्या है तर्क?
राज्य सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में स्टेट हाईवे का तेजी से विस्तार और चौड़ीकरण हुआ है। इन सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने, समय-समय पर मरम्मत कराने, सुरक्षा सुविधाएं विकसित करने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नियमित वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है।
सरकार का दावा है कि टोल टैक्स से प्राप्त राशि का उपयोग सड़क रखरखाव और बेहतर यातायात सुविधाओं पर किया जाएगा।
विपक्ष कर सकता है विरोध
सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक विवाद भी तेज होने की संभावना है। विपक्ष इसे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार का कहना है कि बेहतर और सुरक्षित सड़क व्यवस्था के लिए यह फैसला जरूरी है।
अब राज्य सरकार की ओर से विस्तृत अधिसूचना जारी होने का इंतजार है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि पहले चरण में किन-किन स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लागू किया जाएगा और इसकी वसूली कैसे होगी।


