
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित अपना चर्चित सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड खाली कर दिया है। फिलहाल दोनों अपने कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट हो गए हैं।
करीब दो दशक तक लालू परिवार का राजनीतिक केंद्र रहे इस सरकारी आवास के खाली होने के बाद परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला। इस दौरान एक राजद कार्यकर्ता राबड़ी देवी के नाम की नेम प्लेट हाथ में लेकर फूट-फूटकर रोने लगा। उसने आरोप लगाया कि सरकार ने लालू परिवार के साथ अन्याय किया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
निजी आवास में रहेंगे लालू-राबड़ी
राज्य सरकार द्वारा 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है, लेकिन वहां निर्माण एवं मरम्मत कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। इसी कारण लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी फिलहाल अपने निजी आवास में रहने चले गए हैं।
नोटिस के बाद खाली हुआ बंगला
भवन निर्माण विभाग ने 29 मई को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का आदेश जारी किया था।
शुरुआत में राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने से इनकार किया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें 15 दिनों का अंतिम समय दिया। निर्धारित समयसीमा के बाद उन्होंने सरकारी आवास खाली कर दिया।
तेजस्वी पहले ही हो चुके हैं शिफ्ट
10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते थे।
हालांकि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते तेजस्वी यादव को पहले ही 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है, जहां वे शिफ्ट हो चुके हैं।
चार्ज रजिस्टर को लेकर उठा था विवाद
सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया के दौरान चार्ज रजिस्टर को लेकर भी विवाद सामने आया था।
राबड़ी देवी के निजी सचिव ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर कुछ अतिरिक्त समय मांगा था। उनका कहना था कि वर्ष 2006 में आवास आवंटन के समय उन्हें चार्ज रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया था, जिसमें बंगले में मौजूद सरकारी सामान का पूरा विवरण दर्ज रहता है।
उन्होंने विभाग से सामान की आधिकारिक सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया था ताकि मिलान के बाद किसी प्रकार का विवाद न हो।
अब कौन रहेगा 10 सर्कुलर रोड में?
लालू परिवार के सरकारी आवास खाली करने के बाद रामनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को यह बंगला आवंटित किया गया है।
इस तरह 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास अब एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है, जबकि लालू परिवार का इस ऐतिहासिक बंगले से लगभग 20 वर्षों का संबंध समाप्त हो गया।


