
बिहार के समस्तीपुर जिले में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ और समस्तीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात अपराधी अमन कुमार मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया, जबकि उसका साथी लक्ष्मी कुमार भी भागने के प्रयास में चोटिल हो गया। दोनों को गिरफ्तार कर समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से कई संगीन मामलों में वांछित थे और इनके खिलाफ लूट, हत्या, डकैती समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
यह पूरी घटना समस्तीपुर और वैशाली जिले की सीमा पर स्थित बलिगांव इलाके के पास हुई, जहां पुलिस को अपराधियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही समस्तीपुर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी का एहसास होते ही अपराधियों ने मौके से भागने की कोशिश की और इसी दौरान पुलिस तथा अपराधियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अमन कुमार के दाहिने पैर में गोली लगी। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे काबू में ले लिया। वहीं उसका साथी लक्ष्मी कुमार मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जल्दबाजी में गिरने के कारण उसके पैर में गंभीर चोट आई। बताया जा रहा है कि गिरने की वजह से उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने उसे भी मौके से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को तत्काल पुलिस सुरक्षा में समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
घटना की जानकारी देते हुए सदर एएसपी संजय पांडे ने बताया कि पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी अमन कुमार अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। सूचना के बाद तत्काल एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी शुरू कर दी गई।
एएसपी के अनुसार, जब पुलिस टीम ने बलिगांव इलाके में संदिग्ध गतिविधि देखी और घेराबंदी की, तब अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने का प्रयास किया। इस दौरान हालात तेजी से बिगड़े और मुठभेड़ की स्थिति बन गई। पुलिस की कार्रवाई में अमन कुमार घायल हो गया, जबकि उसका साथी लक्ष्मी कुमार भागते समय घायल हो गया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अमन कुमार समस्तीपुर जिले के चकमेहसी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। बताया गया कि वह पहले एक हत्या के मामले में गिरफ्तार होकर जेल भेजा गया था, लेकिन बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से अपराध की दुनिया में सक्रियता बढ़ा दी। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना एक गिरोह तैयार किया और जिले के कई इलाकों में लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा।
जांच एजेंसियों के अनुसार अमन कुमार और उसके गिरोह पर हत्या, लूट, डकैती, हथियारबंद हमला और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि हाल के महीनों में ताजपुर क्षेत्र में हुई मोटरसाइकिल लूट, डकैती और अंशु कुमार को गोली मारने की चर्चित घटना में भी उसकी भूमिका सामने आई है। इन घटनाओं के बाद से पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अमन कुमार का गिरोह काफी संगठित तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले अपने संभावित टारगेट की रेकी करते थे और फिर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। कई मामलों में गिरोह पर हथियार के बल पर लोगों से नकदी और कीमती सामान लूटने के आरोप भी लगे हैं।
घटनास्थल पर मुठभेड़ के बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने मौके से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। संबंधित थाना पुलिस भी मौके पर पहुंचकर सबूतों को सुरक्षित करने और मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि घटना के समय गिरोह के अन्य सदस्य आसपास मौजूद थे या नहीं।
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अपराध नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है। फिलहाल अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी जारी है।
पुलिस ने अमन कुमार के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी है। अस्पताल में इलाज पूरा होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे कई नई जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
समस्तीपुर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हाल के दिनों में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच यह मुठभेड़ पुलिस के लिए एक अहम सफलता के रूप में देखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


