
पटना: बिहार पुलिस की ऑनलाइन व्यवस्था शनिवार को तकनीकी खराबी के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हो गई। पुलिस मुख्यालय के सर्वर में आई समस्या की वजह से CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं बाधित हो गई हैं। इससे ऑनलाइन एफआईआर, केस डायरी अपलोड और विभिन्न एजेंसियों के बीच डेटा आदान-प्रदान का काम प्रभावित हुआ है।
हार्ड डिस्क क्रैश होने से आई दिक्कत
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सर्वर की हार्ड डिस्क क्रैश होने के कारण यह तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई है। इसके चलते पुलिस की कई ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
ऑनलाइन FIR और सिटीजन सर्विस पोर्टल प्रभावित
तकनीकी खराबी के कारण ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही सिटीजन सर्विसेज पोर्टल भी काम नहीं कर रहा है, जिससे आम लोगों को पुलिस से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
थानों से केस डायरी अपलोड नहीं हो रही
राज्यभर के थानों से केस डायरी और एफआईआर का ऑनलाइन अपलोड भी बाधित हो गया है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय, न्यायालय, जेल प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच डिजिटल माध्यम से होने वाला डेटा आदान-प्रदान भी प्रभावित हुआ है।
कानून-व्यवस्था पर भी असर
इस तकनीकी खराबी का असर पुलिस के नियमित कामकाज और विधि-व्यवस्था प्रबंधन पर भी पड़ा है। पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सेवाओं को जल्द बहाल करने के प्रयास में जुटे हैं।
मुंबई से बुलाए गए NIC के इंजीनियर
बिहार पुलिस के एडीजी (मॉडर्नाइजेशन) के अनुसार, सर्वर की तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के विशेषज्ञ इंजीनियरों को मुंबई से बुलाया गया है।
तकनीकी टीम सर्वर को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रही है।
न्यायिक कार्य भी प्रभावित
सर्वर में खराबी के कारण न्यायालयों से जुड़े कई ऑनलाइन कार्यों पर भी असर पड़ा है। वहीं, आपातकालीन सेवा डायल-112 के संचालन और समन्वय में भी तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
जल्द सेवाएं बहाल करने का दावा
पुलिस मुख्यालय ने भरोसा दिलाया है कि तकनीकी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है और जल्द ही सभी ऑनलाइन सेवाएं सामान्य कर दी जाएंगी।
फिलहाल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर रहे हैं।


