
पटना: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की प्रस्तावित पटना यात्रा की तारीख में बदलाव किया गया है। अब राहुल गांधी 11 जुलाई के बजाय 15 जुलाई को पटना पहुंचेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक, बेरोजगारी तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर छात्रों को संबोधित करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस कार्यक्रम को बिहार में युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। हालांकि पार्टी की ओर से नई तारीख की औपचारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन तैयारियां तेज कर दी गई हैं। छात्र रैली के जरिए पार्टी युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।
बताया जा रहा है कि शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों, बढ़ती बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर कांग्रेस राज्यव्यापी अभियान चलाने की तैयारी में है। राहुल गांधी पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं।
कांग्रेस की ओर से पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में राहुल गांधी की पदयात्रा की भी तैयारी की जा रही है। यह इलाका कोचिंग संस्थानों का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। पार्टी का मानना है कि यहां कार्यक्रम करने से युवाओं तक सीधा संदेश पहुंचेगा।
पार्टी संगठन स्तर पर भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलाध्यक्षों और स्थानीय नेताओं के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। कांग्रेस ने राज्य के जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर जिम्मेदारियां तय की हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र और युवा कार्यक्रम में शामिल हो सकें।
राहुल गांधी की यह यात्रा बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में रोजगार, शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर बहस तेज है।


