बरौनी में 4 बिहार बटालियन NCC का CATC-8 शिविर शुरू, 500 कैडेटों को मिलेगा सैन्य और नेतृत्व प्रशिक्षण

बरौनी स्थित OTC परिसर में 4 बिहार बटालियन NCC, भागलपुर के तत्वावधान में संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-8 (CATC-8) का भव्य शुभारंभ किया गया। दस दिनों तक चलने वाला यह आवासीय प्रशिक्षण शिविर NCC कैडेटों के लिए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। शिविर की शुरुआत पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ हुई, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों कैडेटों ने भाग लिया।

शिविर का उद्घाटन 4 बिहार बटालियन NCC के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल विकास मंडल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह के दौरान परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। कैडेटों ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे शिविर के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

इस 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में बिहार के अलग-अलग जिलों से करीब 500 NCC कैडेट शामिल हुए हैं। इन कैडेटों को आगामी दिनों में सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। शिविर का उद्देश्य केवल सैन्य कौशल सिखाना नहीं है, बल्कि युवाओं को बेहतर नागरिक और जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना भी है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल विकास मंडल ने कहा कि NCC देश के युवाओं को अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेटों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सेवा भाव का विकास करना है। उनके अनुसार प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव कैडेटों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन, समय प्रबंधन, निर्णय लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने का साहस भी जरूरी है। NCC प्रशिक्षण इन्हीं गुणों को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

शिविर के दौरान कैडेटों को विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण मॉड्यूल से गुजरना होगा। इसमें ड्रिल, मैप रीडिंग, वेपन ट्रेनिंग, फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट और फायरिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से कैडेटों को सेना की कार्यप्रणाली, रणनीतिक सोच और मैदान में काम करने के व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाएगी।

ड्रिल प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेटों में अनुशासन, तालमेल और आदेश पालन की आदत विकसित की जाएगी। वहीं मैप रीडिंग उन्हें किसी भी क्षेत्र की भौगोलिक समझ विकसित करने में मदद करेगी। वेपन ट्रेनिंग और फायरिंग अभ्यास कैडेटों को सुरक्षा मानकों और हथियार संचालन के बारे में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा।

फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट प्रशिक्षण इस शिविर की खास विशेषताओं में शामिल है। इन सत्रों में कैडेटों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करना, रणनीति बनाना और टीम के साथ समन्वय स्थापित करना सिखाया जाएगा। इससे उनमें मानसिक दृढ़ता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी।

सैन्य प्रशिक्षण के अलावा शिविर में सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। कैडेटों के लिए आपदा प्रबंधन, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें सामुदायिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।

आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के अंतर्गत कैडेटों को प्राकृतिक आपदाओं या आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उपयोगी माना जा रहा है क्योंकि संकट के समय प्रशिक्षित युवा समाज के लिए बड़ी मदद साबित हो सकते हैं।

शिविर के दौरान विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें समूह गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद और बौद्धिक प्रतिस्पर्धाएं शामिल रहेंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कैडेटों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी और उनकी प्रतिभा को मंच मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि NCC जैसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे शिविर न केवल शारीरिक क्षमता को मजबूत करते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी युवाओं को अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी बनाते हैं। नेतृत्व, टीमवर्क और आत्मनियंत्रण जैसे गुण भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं।

शिविर के उद्घाटन अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सूबेदार मेजर सीतल सिंह, ANO डॉ. कादम्बिनी कुमारी, डॉ. प्रियंवदा शर्मा, डॉ. तुषार कान्त झा, पूनम कुमारी, CTO समीक्षा, सूबेदार पी. के. गौड़ा, सूबेदार प्रवीण थापा, सूबेदार जगदीप सिंह, नायब सूबेदार लखविंदर सिंह सहित अन्य PI स्टाफ उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने कैडेटों को प्रशिक्षण के प्रति गंभीर और समर्पित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिविर में बिताया गया हर दिन कैडेटों के जीवन में नया अनुभव जोड़ने वाला होगा। यह अनुभव उनके व्यक्तित्व को निखारने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।

बरौनी में आयोजित CATC-8 शिविर ने शुरुआत से ही यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दस दिनों में कैडेटों को बहुआयामी प्रशिक्षण मिलने वाला है। यह शिविर न केवल सैन्य प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित युवा नेतृत्व तैयार करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। NCC के माध्यम से तैयार होने वाले ये कैडेट भविष्य में समाज और देश के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं।

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