बिहार में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनेंगी, HUDCO के साथ 1 लाख करोड़ के समझौते से शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार

बिहार के शहरी विकास को नई दिशा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड () के बीच 1 लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण को लेकर महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते को बिहार के शहरी विकास के इतिहास में मील का पत्थर माना जा रहा है।

पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दिया गया। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव और HUDCO के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।

यह समझौता केवल वित्तीय निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में भविष्य के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदलने वाली योजना के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप अत्याधुनिक आधारभूत संरचना, आधुनिक आवासीय सुविधाओं और व्यापक रोजगार अवसरों से लैस होंगी। इन टाउनशिप को इस तरह विकसित किया जाएगा कि आने वाले दशकों की शहरी जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में योजनाबद्ध और संतुलित शहरीकरण को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण के साथ शुरू हुई यह पहल बिहार के विकास मॉडल में बड़ा बदलाव लाएगी। आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त टाउनशिप राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगी और लोगों को बेहतर जीवनशैली उपलब्ध कराएंगी।

सरकार की योजना के अनुसार लगभग 3 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में इन नई टाउनशिप का विकास किया जाएगा। यह परियोजना केवल शहरी विस्तार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को भी आधुनिक विकास से जोड़ने का काम करेगी। भूमि अधिग्रहण के पारंपरिक मॉडल के बजाय सरकार लैंड पूलिंग मॉडल पर विशेष जोर दे रही है, ताकि किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को इस परियोजना में भागीदार बनाया जाएगा। लैंड पूलिंग के जरिए किसानों को न केवल उचित मुआवजा मिलेगा, बल्कि उन्हें विकास प्रक्रिया का हिस्सा भी बनाया जाएगा। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जो भी किसान मुआवजे के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें 30 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे भूमि से जुड़े विवाद कम होने और परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।

बिहार में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनेंगी, HUDCO के साथ 1 लाख करोड़ के समझौते से शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार

इस महत्वाकांक्षी योजना में बिहार सरकार HUDCO के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इसके अलावा करीब 6 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश निजी और बाहरी स्रोतों से आने की संभावना जताई गई है। यदि यह अनुमान साकार होता है तो बिहार में अब तक का सबसे बड़ा शहरी निवेश मॉडल सामने आएगा।

नई सैटेलाइट टाउनशिप को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। इनमें चौड़ी और आधुनिक सड़कें, बेहतर जलापूर्ति प्रणाली, उन्नत सीवरेज नेटवर्क, निर्बाध बिजली आपूर्ति, हरित क्षेत्र, पार्क, शिक्षा संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, वाणिज्यिक केंद्र और सामाजिक अधोसंरचना शामिल होंगे। इन सुविधाओं का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पूर्ण विकसित आधुनिक शहरी जीवन प्रदान करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सैटेलाइट टाउनशिप मॉडल बड़े शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। बिहार में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पटना और अन्य प्रमुख शहरों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नए नियोजित शहरों का निर्माण ट्रैफिक, आवास संकट और अव्यवस्थित विस्तार जैसी समस्याओं का समाधान बन सकता है।

राज्य सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। निर्माण चरण के दौरान लाखों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि निर्माण सामग्री, परिवहन, सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेगा। परियोजना पूरी होने के बाद व्यापार, सेवा और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने से स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

आर्थिक दृष्टि से भी यह परियोजना बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से औद्योगिक और शहरी निवेश के मामले में पिछड़ने वाले बिहार के लिए यह योजना निवेशकों का भरोसा बढ़ाने का माध्यम बन सकती है। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अक्सर पूंजी निवेश को आकर्षित करते हैं, जिससे संबंधित उद्योगों और सेवाओं का विस्तार होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार भविष्य को ध्यान में रखते हुए शहरीकरण का लक्ष्य 35 प्रतिशत तक पहुंचाना चाहती है। इसके लिए केवल पुराने शहरों का विस्तार पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नए नियोजित शहरी केंद्र विकसित करना आवश्यक है। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप इसी सोच का हिस्सा हैं, जहां शुरुआत से ही आधुनिक मानकों के अनुसार विकास किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान HUDCO अधिकारियों ने भी बिहार सरकार के साथ साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि यह समझौता राज्य में टिकाऊ शहरी विकास के नए मॉडल को जन्म देगा। HUDCO लंबे समय से देशभर में आवास और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, और बिहार की यह परियोजना उसकी बड़ी पहलों में शामिल होगी।

समारोह में उप मुख्यमंत्री , नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री , मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पौधा, अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का यह फैसला राज्य के शहरी इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। यदि योजना तय समय पर प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में बिहार आधुनिक शहरी विकास के नए मॉडल के रूप में उभर सकता है। यह पहल न केवल बेहतर आवास और बुनियादी सुविधाएं देगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार के नए अध्याय भी लिखेगी।

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