जगदीशपुर प्रखंड में 20 सूत्री समिति की बैठक, विकास योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

भागलपुर। भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड कार्यालय के सभा कक्ष में प्रखंड स्तरीय 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना, विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना था कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से आम जनता तक पहुंचे।

बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष ने की। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-सदस्य सचिव की मौजूदगी में विभिन्न विभागों के अधिकारी, समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि और बैंक प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान विकास योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति पर गंभीरता से चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुझाव सामने आए।

बैठक की शुरुआत विभिन्न विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ हुई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक योजनाएं प्रखंड क्षेत्र में संचालित हैं और उनका लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। हालांकि कुछ योजनाओं में कार्य की गति अपेक्षा से धीमी पाई गई, जिस पर समिति ने चिंता भी जताई।

बैठक में विशेष रूप से ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई। ग्रामीण सड़कों, सामुदायिक भवनों, नाली-गली निर्माण और पंचायत स्तर पर बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना मजबूत किए बिना समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में यह देखा गया कि मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। समिति ने निर्देश दिया कि मजदूरों को समय पर काम और भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। साथ ही श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति भी बैठक का प्रमुख विषय रही। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य जारी है। हालांकि कुछ मामलों में निर्माण कार्य अधूरा होने और तकनीकी अड़चनों की शिकायतें सामने आईं। समिति के सदस्यों ने कहा कि जिन लाभार्थियों को अब तक आवास नहीं मिला है या जिनका निर्माण अधूरा है, उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।

पेयजल व्यवस्था को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। कई पंचायतों से जलापूर्ति की अनियमितता, खराब हैंडपंप और पाइपलाइन संबंधी समस्याएं सामने आईं। समिति ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गर्मी और मानसून दोनों मौसमों को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए समिति ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेंद्रों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति और मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई। समिति ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आम जनता की प्राथमिक आवश्यकता है।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, बुनियादी सुविधाएं और बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की नींव है, इसलिए विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से ग्रामीण स्कूलों में संसाधनों की उपलब्धता पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।

बैठक में कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और सरकारी अनुदान योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। समिति ने कहा कि कृषि प्रखंड की अर्थव्यवस्था का आधार है, इसलिए किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक है।

विद्युत आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें भी बैठक में उठीं। कई क्षेत्रों में बिजली कटौती, लो वोल्टेज और तकनीकी खराबियों की समस्याओं पर सदस्यों ने चिंता जताई। बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करें।

बैठक में जीविका समूहों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पंचायत विकास योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं की स्थिति पर भी समीक्षा की गई। समिति ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना है, इसलिए इनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।

विभिन्न पंचायतों से आए सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को विस्तार से रखा। अधूरी विकास योजनाएं, सड़क निर्माण में देरी, जलनिकासी की समस्या, पेंशन वितरण में विलंब और जन शिकायतों के निस्तारण में देरी जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। समिति ने सभी सुझावों को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

समिति अध्यक्ष गुरुदेव मंडल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 20 सूत्री कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक मूल्य तभी है जब आम जनता को उसका लाभ समय पर और बिना बाधा मिले।

प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार ने आश्वासन दिया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य बेहतर समन्वय के साथ योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना है ताकि जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके।

कुल मिलाकर, जगदीशपुर प्रखंड में आयोजित 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की यह बैठक विकास कार्यों की समीक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। बैठक में लिए गए निर्णय आने वाले दिनों में प्रखंड क्षेत्र में विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के समाधान में सहायक हो सकते हैं।

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