
मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में जमीन से जुड़े एक बड़े कथित घोटाले का खुलासा हुआ है। हनुमान शुगर मिल की जमीन को सीलिंग से मुक्त करने की प्रक्रिया के दौरान गैर-मजरुआ सरकारी जमीन को भी कथित तौर पर रोक सूची (Restriction List) से बाहर कर दिया गया। इसके बाद करीब 100 कट्ठे से अधिक जमीन की खरीद-बिक्री कर दी गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
मामला सामने आने के बाद पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुरुआती कार्रवाई में सदर अंचल के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है।
गैर-मजरुआ जमीन भी हट गई रोक सूची से
जानकारी के अनुसार, सदर अंचल क्षेत्र के बैरिया मौजा स्थित खाता संख्या-109 की गैर-मजरुआ जमीन को भी हनुमान शुगर मिल की जमीन से जुड़े मामलों के साथ रोक सूची से हटा दिया गया। इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री शुरू हो गई और कई मामलों में परिमार्जन (Mutation) की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई।
बताया जा रहा है कि अपर समाहर्ता (ADM) की अध्यक्षता वाली समिति ने कई जमीनों को रोक सूची से हटाने का निर्णय लिया था। इसी दौरान खाता संख्या-109 के चार खेसरा नंबर भी सूची से बाहर कर दिए गए और इसकी सूचना जिला निबंधन कार्यालय को भेज दी गई।
12 दिसंबर 2025 के पत्र के बाद शुरू हुई रजिस्ट्री
सूत्रों के अनुसार, रोक सूची से जमीन हटाने संबंधी पत्र 12 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था। इसके बाद संबंधित जमीन की रजिस्ट्री और अन्य राजस्व प्रक्रियाएं शुरू हो गईं। अब सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी गैर-मजरुआ जमीन को आखिर किस आधार पर बिक्री के लिए मुक्त किया गया।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि हनुमान शुगर मिल की जमीन को सीलिंग से मुक्त करने की प्रक्रिया हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी। इसी क्रम में रोक सूची में दर्ज जमीनों की समीक्षा की जा रही थी।
आरोप है कि इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर गैर-मजरुआ सरकारी जमीन को भी शुगर मिल की जमीन के साथ जोड़ दिया गया और बिक्री के लिए खोल दिया गया। इसके बाद जमीन माफियाओं ने तेजी से करोड़ों रुपये की जमीन की खरीद-बिक्री कर डाली।
नए डीएम का बड़ा एक्शन
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी सौरभ सुमन ने पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच शुरू कराई। प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए परिमार्जन से जुड़े सदर अंचल के एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि रोक सूची से जमीन हटाने की प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही। जिला निबंधन कार्यालय से सभी रजिस्ट्री और खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी मंगाए गए हैं।
जमीन खरीदने वालों की भी बढ़ी मुश्किलें
बताया जा रहा है कि जिन लोगों ने इस जमीन की खरीद की है, उनके सामने भी अब कानूनी परेशानी खड़ी हो सकती है। कई खरीदार जमीन पर निर्माण कार्य भी शुरू कर चुके हैं। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा।
डीएम बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी सौरभ सुमन ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


