ससुराल जाते समय युवक की सड़क हादसे में मौत, 12 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं होने पर परिजनों का हंगामा

भागलपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं। ससुराल में दावत खाने जा रहे एक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार रिश्तेदार घायल हो गया। हादसे के बाद जहां परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं मौत के लगभग 12 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं होने से परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।

यह दर्दनाक घटना थाना क्षेत्र के करौड़ी बाजार स्थित नवाब कॉलोनी के समीप हुई। मृतक की पहचान कबीरपुर जैन मंदिर के पास रहने वाले मोहम्मद इरफान के रूप में हुई है। इरफान, मोहम्मद अलाउद्दीन के पुत्र थे। परिवार के अनुसार वह अपने ममेरे भाई के साथ बाइक से ससुराल जा रहे थे, जहां उन्हें दावत के लिए बुलाया गया था। किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर बन जाएगा।

परिजनों के अनुसार इरफान सामान्य तरीके से अपने रिश्तेदार के साथ घर से निकले थे। रास्ते में हबीबपुर थाना क्षेत्र के करौड़ी बाजार कब्रिस्तान के पास अचानक सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने तेज आवाज सुनकर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर के बाद इरफान गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़े थे। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और एक हाथ भी बुरी तरह टूट गया था। उनके साथ मौजूद ममेरे भाई को भी चोटें आईं, हालांकि उसकी हालत अपेक्षाकृत स्थिर बताई गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवा को सूचना दी।

सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने इरफान की हालत गंभीर पाई। सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया गया।

मायागंज अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने इरफान को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल में मृत्यु की पुष्टि होते ही परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग फूट-फूटकर रोने लगे। एक साधारण यात्रा के दौरान हुई यह दुर्घटना पूरे परिवार के लिए असहनीय त्रासदी बन गई।

घटना का एक और चौंकाने वाला पहलू यह भी सामने आया कि दूसरी बाइक का चालक सदर अस्पताल से फरार हो गया। परिजनों के अनुसार हादसे में शामिल दूसरा बाइक सवार अस्पताल पहुंचने के बाद वहां से निकल गया। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी थी।

हादसे में घायल इरफान के ममेरे भाई को मामूली चोटें आने के बाद इलाज कर घर भेज दिया गया। दूसरी ओर पुलिस ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त दोनों मोटरसाइकिलों को कब्जे में लेकर थाना पहुंचा दिया है। वाहनों की तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

परिवार की पीड़ा केवल दुर्घटना तक सीमित नहीं रही। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के लगभग 12 घंटे बीत जाने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इस देरी ने परिवार की पीड़ा को और बढ़ा दिया। परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम में अनावश्यक देरी के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है।

मृतक के मामा मोहम्मद इस्लामउद्दीन ने बताया कि इरफान को ससुराल से विशेष रूप से दावत के लिए बुलाया गया था। परिवार खुशी के माहौल में था, लेकिन कुछ ही घंटों में सब कुछ बदल गया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में इरफान के सिर में गंभीर चोट लगी थी और उनका हाथ भी टूट गया था। अस्पताल पहुंचाने के बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी।

इस्लामउद्दीन ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हादसे के करीब 12 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम लंबित रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि जब परिवार पहले ही भारी सदमे में है, तब इस तरह की प्रशासनिक देरी पीड़ा को और बढ़ा देती है। उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाए ताकि अंतिम संस्कार समय पर हो सके।

परिवार के अनुसार हबीबपुर थाना प्रभारी भी अस्पताल पहुंचे थे और घटना की जानकारी ली थी। इसके बावजूद पोस्टमार्टम प्रक्रिया में तेजी नहीं आना परिजनों के लिए चिंता और नाराजगी का कारण बना हुआ है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन को संवेदनशील मामलों में अधिक तत्परता दिखानी चाहिए।

इरफान की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। परिवार के अनुसार उनका दो माह का एक मासूम बेटा भी है। पिता की असमय मौत ने न केवल पत्नी को विधवा बना दिया, बल्कि एक छोटे बच्चे के सिर से पिता का साया भी छीन लिया। यही बात परिवार को सबसे अधिक तोड़ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करौड़ी बाजार क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण, स्पीड मॉनिटरिंग और पुलिस निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। दूसरी बाइक के चालक की तलाश जारी है और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इरफान की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और प्रशासनिक तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिवार की सबसे बड़ी मांग यही है कि न्याय मिले और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करे।

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