भागलपुर में खेत से मोटर चोरी, किसान का आरोप— थाना सिर्फ 2 किलोमीटर दूर, फिर भी 3 घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस

भागलपुर में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला बाईपास थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक किसान के खेत से सिंचाई के लिए लगाया गया मोटर रातों-रात चोरी हो गया। घटना के बाद पीड़ित किसान ने न केवल चोरी की शिकायत दर्ज कराई, बल्कि पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई। किसान का आरोप है कि थाना महज दो किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद सूचना देने के करीब तीन घंटे बाद तक पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची।

इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस गश्त और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनका मनोबल बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों में अब असुरक्षा की भावना साफ दिखाई देने लगी है।

पीड़ित किसान राजेश कुमार सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार देर रात उनके खेत से सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाला मोटर चोरी कर लिया गया। उनके अनुसार खेत में पटवन के लिए मोटर काफी अंदर लगाया गया था। मोटर खेत के भीतर लगभग 250 फीट की दूरी पर स्थापित था, जिससे यह माना जा रहा है कि चोर पूरी तैयारी और योजना के साथ पहुंचे थे।

किसान के अनुसार चोरों ने पहले मोटर तक पहुंचने के लिए पाइपों को निकाला और उन्हें क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद मोटर को सावधानीपूर्वक हटाकर अपने साथ ले गए। जिस तरीके से चोरी को अंजाम दिया गया, उससे यह आशंका जताई जा रही है कि घटना में एक से अधिक लोग शामिल रहे होंगे। खेत के अंदर तक पहुंचना, पाइप निकालना और भारी मोटर लेकर फरार होना किसी अकेले व्यक्ति के लिए आसान नहीं माना जा रहा।

सुबह जब किसान खेत पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए। मोटर गायब था और पाइप बिखरे पड़े थे। घटना की जानकारी मिलते ही राजेश कुमार सिंह ने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस सहायता मांगी। सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पीड़ित किसान के अनुसार डायल-112 की टीम ने प्राथमिक निरीक्षण के बाद उन्हें मामले की सूचना स्थानीय बाईपास थाना को देने की सलाह दी। किसान ने बताया कि उन्होंने तत्काल थाना को जानकारी दी और पुलिस के आने का इंतजार करने लगे। लेकिन आरोप है कि सूचना देने के करीब तीन घंटे बाद तक थाना से कोई भी पुलिसकर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।

राजेश कुमार सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि थाना उनके खेत से सिर्फ दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में यदि पुलिस समय पर पहुंचती तो संभवतः आसपास की गतिविधियों की जांच कर कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते थे। उनका कहना है कि अपराध के तुरंत बाद कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन देरी से जांच की प्रभावशीलता प्रभावित होती है।

इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी, डीजल चोरी और कृषि उपकरण चोरी जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। किसानों का आरोप है कि रात के समय खेतों और ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त पुलिस गश्त नहीं होने के कारण चोर आसानी से वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। दो दिन पहले ही बैजानी स्थित एक पेट्रोल पंप पर भी चोरी का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार चारपहिया वाहन से पहुंचे चोरों ने एक ट्रक से डीजल चोरी कर लिया था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दी थीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद यदि अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी की जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उपकरणों की चोरी किसानों के लिए गंभीर आर्थिक झटका साबित होती है। मोटर, पाइप और अन्य सिंचाई उपकरण खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इनकी चोरी सीधे खेती-किसानी को प्रभावित करती है। खासकर ऐसे समय में जब किसान पहले से बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हों, चोरी जैसी घटनाएं उनकी परेशानियों को और बढ़ा देती हैं।

स्थानीय किसानों का कहना है कि सिंचाई मोटर की कीमत काफी अधिक होती है और छोटे किसानों के लिए नया मोटर खरीदना आसान नहीं होता। ऐसे में चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि खेती के पूरे चक्र को प्रभावित करने वाली समस्या बन जाती है।

इस पूरे मामले पर बाईपास थाना अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। थाना अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।

फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले सुरागों और आसपास के संभावित गवाहों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस चोरी का संबंध क्षेत्र में हाल में हुई अन्य घटनाओं से है। यदि घटनाओं के बीच कोई कड़ी मिलती है तो यह संगठित चोरी गिरोह की ओर इशारा कर सकता है।

भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र में हुई यह घटना केवल एक किसान की परेशानी नहीं, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। किसानों और ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—अपराध पर रोक लगे, पुलिस गश्त बढ़े और चोरी की घटनाओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई हो। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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