
भागलपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। तकनीकी शिक्षा के लिए पहचाने जाने वाला यह संस्थान अब अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना के लिए भी नई पहचान बना रहा है। नवंबर 2025 में संस्थान द्वारा अपने पहले एनसीसी विंग की स्थापना के बाद से शुरू हुआ सफर अब सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
महज कुछ महीनों के भीतर IIIT भागलपुर के कैडेटों ने जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, उसने न केवल संस्थान बल्कि पूरे भागलपुर क्षेत्र को गर्व महसूस कराया है। एनसीसी की स्थापना के साथ ही संस्थान में युवाओं के बीच अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना विकसित करने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई थी। अब इसके परिणाम सामने आने लगे हैं।
नवंबर 2025 IIIT भागलपुर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हो चुका है। इसी महीने संस्थान ने आधिकारिक रूप से अपना पहला एनसीसी विंग स्थापित किया। यह कदम छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए उठाया गया था। तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, शारीरिक दक्षता और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल की गई।
एनसीसी विंग के गठन के बाद IIIT भागलपुर के 17 कैडेटों के पहले बैच ने प्रशिक्षण की शुरुआत की। इन कैडेटों को पड़ोसी संस्थान के सक्रिय 3 बिहार सिग्नल कंपनी के साथ जोड़ा गया। इस सहयोग ने दोनों संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया। संयुक्त प्रशिक्षण के कारण कैडेटों को बेहतर संसाधन, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धी माहौल मिला।

शुरुआती प्रशिक्षण चरण में कैडेटों को एनसीसी की मूल अवधारणाओं, परेड, अनुशासन, नेतृत्व और सामरिक जागरूकता से परिचित कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शारीरिक क्षमता विकसित करना नहीं था, बल्कि युवाओं में जिम्मेदारी और टीम भावना भी विकसित करना था। धीरे-धीरे कैडेटों ने खुद को इस नए वातावरण में ढाल लिया और अपनी क्षमता साबित करनी शुरू कर दी।
एक वर्ष से भी कम समय में इस एनसीसी इकाई ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों को कटिहार स्थित सेना इकाई के दौरे का अवसर मिला। यह अनुभव उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ। दौरे के दौरान उन्होंने आधुनिक सैन्य उपकरणों, उन्नत हथियार प्रणालियों और ड्रोन तकनीक का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
आधुनिक युद्ध तकनीक और रक्षा तंत्र की समझ ने कैडेटों के ज्ञान को नई दिशा दी। विशेष रूप से ड्रोन तकनीक और डिजिटल निगरानी प्रणालियों के प्रदर्शन ने तकनीकी पृष्ठभूमि वाले IIIT छात्रों को गहराई से प्रभावित किया। छात्रों ने महसूस किया कि भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों में तकनीक की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है।
एनसीसी गतिविधियों में IIIT भागलपुर की उपस्थिति गणतंत्र दिवस 2026 के दौरान भी प्रभावशाली रही। इस अवसर पर कैडेटों ने अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ में भाग लेकर सम्मानजनक जिम्मेदारी निभाई। परेड में उनका प्रदर्शन संतुलन, अनुशासन और प्रशिक्षण का प्रमाण था।
इसके अलावा निदेशक की ‘पायलटिंग’ जैसी जिम्मेदार भूमिका भी कैडेटों ने पूरी निष्ठा के साथ निभाई। यह केवल एक औपचारिक भूमिका नहीं थी, बल्कि संस्थान के भीतर एनसीसी इकाई की परिपक्वता और क्षमता का प्रतीक भी थी। गणतंत्र दिवस समारोह में कैडेटों की सक्रिय भागीदारी ने सभी को प्रभावित किया।
वर्तमान समय में IIIT भागलपुर की एनसीसी इकाई अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक की ओर बढ़ रही है। प्रतिष्ठित अखिल भारतीय थल सैनिक कैंप (AITSC) 2026 में संस्थान के कैडेट राष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह कैंप एनसीसी के सबसे चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गिना जाता है, जहां देशभर से चुने हुए कैडेट भाग लेते हैं।
15 मई से शुरू हुए इस प्रतिष्ठित कैंप में बिहार एवं झारखंड निदेशालय की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए IIIT भागलपुर के दो प्रतिभाशाली कैडेटों ने शुरुआत से ही अपनी अलग पहचान बनाई। प्रतियोगिता के शुरुआती चरणों में पदक जीतकर दोनों कैडेटों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
सीनियर डिवीजन श्रेणी में कैडेट कुमार आदर्श ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत दोनों पदक अपने नाम किए। हेल्थ एंड हाइजीन (H&H) लिखित एवं वक्तृत्व प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। इस प्रतियोगिता में स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता और प्रभावशाली प्रस्तुति का मूल्यांकन किया जाता है। आदर्श ने अपनी उत्कृष्ट तैयारी और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया।
इसके अतिरिक्त कंबाइंड सर्विस सब्जेक्ट टेस्ट में भी उन्होंने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। यह परीक्षा एनसीसी कैडेटों के ज्ञान, सामरिक समझ और सामान्य सैन्य जागरूकता को परखती है। इस श्रेणी में सफलता हासिल करना किसी भी कैडेट के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
दूसरी ओर कैडेट शीतल कुमारी ने भी असाधारण प्रदर्शन करते हुए संस्थान का गौरव बढ़ाया। उन्होंने मैप रीडिंग यानी मानचित्र अध्ययन जैसी कठिन परीक्षा में रजत पदक हासिल किया। यह परीक्षा अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें दिशा ज्ञान, स्थलाकृति की समझ और त्वरित विश्लेषण क्षमता की आवश्यकता होती है।
शीतल कुमारी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि IIIT भागलपुर की महिला कैडेट भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उनका प्रदर्शन संस्थान की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। यह उपलब्धि दिखाती है कि अवसर और सही प्रशिक्षण मिलने पर छात्राएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकती हैं।
इन शुरुआती सफलताओं के बाद संस्थान में उत्साह का माहौल है। शिक्षकों, अधिकारियों और छात्रों ने दोनों कैडेटों की उपलब्धियों की सराहना की है। संस्थान प्रशासन ने विश्वास जताया है कि आने वाले राष्ट्रीय स्तर के चरणों में भी ये कैडेट बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
अब सभी की निगाहें दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी राष्ट्रीय AITSC कैंप पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि IIIT भागलपुर के कैडेट वहां भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे और संस्थान के लिए नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।
IIIT भागलपुर की यह यात्रा केवल पदक जीतने की कहानी नहीं है, बल्कि यह युवा प्रतिभा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक है। तकनीकी शिक्षा के साथ जब नेतृत्व, समर्पण और सेवा की भावना जुड़ती है, तब ऐसे प्रेरक परिणाम सामने आते हैं। एनसीसी में मिली यह सफलता आने वाले वर्षों में संस्थान के लिए नई पहचान और नई ऊंचाइयों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।


