पंचायत विकास दिवस पर महिलाओं की भागीदारी को बताया विकास की आधारशिला, प्रभारी सचिव व डीएम ने जनसहभागिता पर दिया जोर

भागलपुर, 28 जून 2026। बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित किए जाने वाले “पंचायत विकास दिवस (विकसित भारत–समृद्ध बिहार)” कार्यक्रम के तहत रविवार को भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत बरारी ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस माह के पंचायत विकास दिवस की थीम “महिला हितैषी पंचायत” रखी गई, जिसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी, सशक्तिकरण और विकास में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करना था।

कार्यक्रम में बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर जिला के प्रभारी सचिव दीपक आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिलाधिकारी अलंकृता पांडे भी उपस्थित रहीं। दोनों अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं तथा बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पंचायत विकास में सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी सबौर, अंचलाधिकारी सबौर, बरारी पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान, सरपंच तथा पंचायत प्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। पंचायत भवन में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जिसने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत के सभी वर्गों को विकास प्रक्रिया से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह मंच पंचायत के विकास कार्यों की समीक्षा करने, समस्याओं को समझने और भविष्य की योजनाओं पर सामूहिक विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने ग्राम सभा की भूमिका को लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि जब स्थानीय लोग अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाओं के चयन में भाग लेते हैं, तभी वास्तविक और टिकाऊ विकास संभव हो पाता है।

उन्होंने बरारी पंचायत में हुए विकास कार्यों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि यहाँ सड़क और नाला निर्माण जैसे बुनियादी कार्यों के साथ खेल सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया गया है। पंचायत में वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय नेतृत्व केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और खेल संस्कृति को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है।

दीपक आनंद ने कहा कि इस बार की थीम “महिला हितैषी पंचायत” अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी समाज या पंचायत का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति को सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि आज महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया और विकास योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह बदलाव समाज के लिए प्रेरणादायक है।

अपने विभाग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न पहुँचाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस के माध्यम से लैंगिक समानता, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पोषण तथा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण जैसे विषयों पर व्यापक जनजागरूकता पैदा की जा रही है। यह कार्यक्रम पंचायत स्तर पर सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन रहा है।

जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत विकास दिवस का वास्तविक अर्थ है— पंचायत के हर नागरिक को विकास की प्रक्रिया में भागीदार बनाना। उन्होंने महिलाओं, युवाओं, बच्चों, वृद्धजनों और पुरुषों की समान भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यही समावेशी विकास की असली पहचान है।

उन्होंने कहा कि पंचायत की कार्ययोजना और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हर व्यक्ति की राय महत्वपूर्ण है। यदि विकास योजनाएँ जनता की जरूरतों के अनुरूप बनेंगी तो उनका लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग अपनी जिम्मेदारी को समझे और सक्रिय योगदान दे।

डीएम ने बरारी पंचायत के युवा एवं शिक्षित मुखिया जयकरण पासवान की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय नेतृत्व विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने पंचायत टीम, सरपंच तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। साथ ही जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी कर्मियों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएँ पहुँचाने के कार्य को सराहा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएँ और जीविका समूह सामाजिक परिवर्तन की मजबूत कड़ी बन चुके हैं।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि आगामी पंचायत विकास दिवस में वे अपने क्षेत्र की समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को खुलकर ग्राम सभा में रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान संभव होगा, उनका त्वरित निपटारा किया जाएगा। वहीं जो विषय राज्य सरकार के स्तर से संबंधित होंगे, उन्हें प्रभावी रूप से सरकार तक पहुँचाया जाएगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग और जनभागीदारी से बरारी पंचायत विकास के नए आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि यहाँ की महिलाएँ, बेटियाँ और युवा भविष्य में जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे।

पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान ने पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी साझा की और ग्रामीणों से विकास कार्यों में सहयोग बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पंचायत की वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

पंचायत विकास दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक प्रसारण भी किया गया, जिसे ग्रामीणों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके अलावा सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत कलाकारों द्वारा मद्यनिषेध विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने समाज को संदेश दिया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। कलाकारों के प्रभावशाली प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को जागरूक और प्रेरित किया।

गौरतलब है कि पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य पंचायत स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्रभावी रूप से लागू करना है। इसके अंतर्गत गरीबी उन्मूलन, आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य, बाल हित, जल संरक्षण, स्वच्छता, हरित विकास, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला सशक्तिकरण जैसे नौ प्रमुख लक्ष्यों पर ग्राम स्तर पर कार्य किया जा रहा है।

बरारी पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक एक मंच पर आकर विकास की दिशा तय करते हैं, तो पंचायत स्तर पर बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है। पंचायत विकास दिवस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि विकसित बिहार और समृद्ध भारत का सपना जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता।

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