
गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि इस वर्ष आयोजित अंबुबाची महायोग 2026 के दौरान नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उन्होंने इसे असम की आध्यात्मिक विरासत और सनातन परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जय मां कामाख्या। अंबुबाची महायोग 2026 के पावन अवसर पर 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने मां कामाख्या धाम को आस्था के विराट संगम में बदल दिया है।”
उन्होंने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी इस वार्षिक धार्मिक आयोजन के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, “मां के चरणों में उमड़ रही यह असीम श्रद्धा असम की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन परंपरा की अमर चेतना का सजीव प्रमाण है।”
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस बार अंबुबाची महायोग के दौरान लगभग 8 लाख श्रद्धालु नीलाचल पहाड़ियों पर पहुंचे, जो इस आयोजन के इतिहास में सबसे बड़ी भीड़ में से एक मानी जा रही है।
अंबुबाची महायोग देश के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित शक्तिपीठों में शामिल कामाख्या मंदिर का प्रमुख धार्मिक उत्सव है। यह पर्व देवी कामाख्या के वार्षिक रजस्वला होने की प्रतीकात्मक मान्यता से जुड़ा है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत, तपस्वी और पर्यटक इस आयोजन में भाग लेते हैं।
परंपरा के अनुसार, देवी के वार्षिक रजस्वला काल के प्रतीक स्वरूप मंदिर के कपाट तीन दिनों तक बंद रहते हैं। चौथे दिन विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाता है।
असम सरकार ने आयोजन को लेकर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यापक व्यवस्था की थी। विभिन्न विभागों के समन्वय से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए सुचारु दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
सरकार का मानना है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या ने असम में धार्मिक पर्यटन को नई गति दी है और अंबुबाची महायोग की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है।


