
अयोध्या/पटना: अयोध्या के राम मंदिर में चंदा और चढ़ावे के कथित गबन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मामले को लेकर भाजपा और मंदिर प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सरकार छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाकर असली जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के नाम पर हुई कथित गड़बड़ियों में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन एफआईआर में बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंदिर प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी शीर्ष पदाधिकारियों के पास थी, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। रोहिणी ने विशेष रूप से चंपत राय और अन्य प्रमुख ट्रस्टियों का नाम लेते हुए कहा कि पुलिस ने केवल निचले स्तर के कर्मचारियों और दानपात्र कक्ष से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया है, जबकि शीर्ष स्तर के लोगों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।
राजद नेता ने इस कार्रवाई को “आई-वॉश” बताते हुए कहा कि इससे जनता के मन में और अधिक संदेह पैदा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस पूरे मामले में लीपापोती कर रही है और वास्तविक जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि एफआईआर में किसी का नाम नहीं होना उसे स्वतः निर्दोष साबित नहीं करता। उनके अनुसार, जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और यदि शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी बनती है तो कानून की कार्रवाई वहीं से शुरू होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है और भविष्य में जांच के दौरान वास्तविक दोषियों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।


