
पटना/नालंदा: बिहार के नालंदा निवासी और दिल्ली जदयू के प्रदेश महासचिव नीतीश कुमार के पिता भूषण सिंह की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह वारदात पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के भदौर थाना क्षेत्र में हुई। भूषण सिंह मूल रूप से नालंदा के गोविंदपुर गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में भदौर क्षेत्र में रहकर खेती करते थे।
दूध देने निकले, देर रात गड्ढे में मिला शव
परिजनों के अनुसार भूषण सिंह गुरुवार शाम रोज की तरह दूध सेंटर पर दूध देने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रात करीब 9 बजे तक वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी बंद मिला। इसके बाद परिजनों ने तलाश शुरू की। गांव के लोगों की मदद से बरूआने स्थित एक गड्ढे से उनका शव बरामद किया गया।
गला घोंटने और गोली मारने का आरोप
मृतक के पुत्र और दिल्ली जदयू के प्रदेश महासचिव नीतीश कुमार ने दावा किया कि उनके पिता के शरीर पर गोली के निशान थे और गले में गमछे का फंदा लगा हुआ था। उनका आरोप है कि हत्या के बाद शव को घसीटकर गड्ढे में फेंक दिया गया।
गांव के दबंगों पर हत्या का आरोप
नीतीश कुमार ने गांव के कुछ स्थानीय दबंगों पर हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नया घर बनाने और जमीन खरीदने के बाद से कुछ लोग परिवार से रंजिश रखने लगे थे। कई बार घर पर हमला हुआ, ईंट-पत्थर चलाए गए और उनकी मां के साथ भी मारपीट की गई थी।
उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, लेकिन कुछ लोग उनकी तरक्की से जलते थे। उनका आरोप है कि लंबे समय से परिवार को धमकियां मिल रही थीं।
गांव छोड़ने का किया ऐलान
भूषण सिंह अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और चार बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि अब उनका परिवार हमेशा के लिए गांव छोड़ देगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही भदौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होगी। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।


