श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों का जायजा लेने सुल्तानगंज-भागलपुर पहुंचे डीआरएम, रेलवे व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा

श्रावणी मेला 2026 को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों की संख्या में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने गुरुवार को सुल्तानगंज और रेलवे स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेला के दौरान आने वाले लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का आकलन करना और आवश्यक निर्देश जारी करना था।

श्रावणी मेला बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। विशेष रूप से का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि यहां से श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा आरंभ करते हैं। इस धार्मिक यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, जिसके कारण रेलवे स्टेशनों पर सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ स्टेशन परिसर का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने यात्री सुविधाओं से जुड़ी लगभग हर महत्वपूर्ण व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पेयजल आपूर्ति, प्रतीक्षालयों की स्थिति, शौचालयों की स्वच्छता, चिकित्सा सहायता केंद्रों की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण उपाय, टिकट काउंटर संचालन, सफाई व्यवस्था तथा प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मेला अवधि के दौरान सुल्तानगंज स्टेशन पर यात्रियों की संख्या अचानक कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीआरएम ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और हर व्यवस्था को समय से पहले पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और रेलवे सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का भी जायजा लिया गया। यह नया फुट ओवर ब्रिज श्रावणी मेला के दौरान भीड़ प्रबंधन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नया एफओबी यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाएगा और प्लेटफॉर्मों के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगा। इससे विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

डीआरएम ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही कार्य में तेजी लाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक संरचनात्मक और सुविधाजनक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि बेहतर बुनियादी ढांचा ही बड़ी भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने की कुंजी है।

सुल्तानगंज निरीक्षण के बाद डीआरएम ने भागलपुर-सुल्तानगंज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया। इस दौरान रेलखंड पर परिचालनिक स्थिति, ट्रैक की सुरक्षा, सिग्नलिंग और ट्रेन संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया गया। श्रावणी मेला के दौरान ट्रेनों की संख्या और यात्री दबाव दोनों बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए रेलखंड की परिचालनिक क्षमता का परीक्षण भी अत्यंत आवश्यक माना गया।

भागलपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर डीआरएम ने स्टेशन परिसर की व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। यहां उन्होंने यात्रियों की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण उपायों, सफाई व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और परिचालनिक तैयारियों की समीक्षा की। भागलपुर स्टेशन श्रावणी मेला के दौरान एक प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में कार्य करता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न ट्रेनों के माध्यम से पहुंचते हैं। ऐसे में यहां की व्यवस्थाओं का सुचारु होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मेला अवधि में अतिरिक्त टिकटिंग सुविधाएं, हेल्प डेस्क, मेडिकल सहायता केंद्र और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। रेलवे प्रशासन भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, अतिरिक्त अनाउंसमेंट सिस्टम और विशेष मार्गदर्शन व्यवस्था पर भी कार्य कर रहा है। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म, निकास द्वार और टिकट काउंटर तक पहुंचने में आसानी होगी।

स्वच्छता को लेकर भी डीआरएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। श्रावणी मेला के दौरान लाखों यात्रियों की मौजूदगी में साफ-सफाई बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है, लेकिन यही यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और Government Railway Police (GRP) की अतिरिक्त तैनाती की योजना बनाई जा रही है। सीसीटीवी निगरानी, भीड़ नियंत्रण दल और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। चिकित्सा सहायता के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र और एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखने की तैयारी की जा रही है।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विशाल जनसमूह के प्रबंधन की परीक्षा भी है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। डीआरएम का यह निरीक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मालदा मंडल द्वारा की जा रही तैयारियां यह संकेत देती हैं कि इस बार श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर सुरक्षा प्रबंधन और विभागीय समन्वय के जरिए रेलवे प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम यात्रा अनुभव देने की दिशा में कार्यरत है।

आने वाले दिनों में श्रावणी मेला की शुरुआत के साथ सुल्तानगंज और भागलपुर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में रेलवे द्वारा अभी से की जा रही तैयारी श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। डीआरएम के निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही के मूड में नहीं है और हर स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

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