जेपी आंदोलन के हर सेनानी को मिलेगा सम्मान, छूटे नाम जोड़ने के लिए बनेगी समिति: मुख्यमंत्री

पटना के ज्ञान भवन में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र, संविधान और जेपी आंदोलन के सेनानियों के सम्मान को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट कहा कि जेपी आंदोलन से जुड़े हर सेनानी और लोकतंत्र रक्षक को उचित सम्मान दिया जाएगा। साथ ही ऐसे लोगों की पहचान के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जिनके नाम अब तक किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने लोकनायक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह में उपस्थित जेपी सेनानियों को सम्मानित भी किया गया। ज्ञान भवन में आयोजित यह कार्यक्रम लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष को याद करने और आपातकाल के दौर की स्मृतियों को जीवित रखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम गौरवशाली रहा है, लेकिन लगभग पांच दशक पहले देश ने लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला भी देखा था। उन्होंने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए कहा कि उस समय संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि संविधान हत्या दिवस मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह बताना है कि लोकतंत्र कितना मूल्यवान है और इसकी रक्षा के लिए कितने लोगों ने संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के द्वारा चुनी जाती है और इसलिए सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेह होना है। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। केंद्र और बिहार की डबल इंजन सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, गरीबों को न्याय दिलाना, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना, किसानों को समृद्ध बनाना तथा युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर तैयार करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यही मजबूत लोकतंत्र की पहचान है।

अपने भाषण में सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्षों तक गरीबी हटाने के नारे दिए गए, लेकिन गरीबों की वास्तविक स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। इसके विपरीत वर्तमान केंद्र सरकार ने गरीबों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का काम किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। मुफ्त राशन योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा दी गई है। साथ ही बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार गांव-गांव तक किया गया है।

उन्होंने बिहार में बिजली व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में घर-घर बिजली पहुंचाने का बड़ा अभियान चलाया गया था। अब राज्य सरकार 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 25 लाख गरीब परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाई जा सके और आम परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो।

मुख्यमंत्री ने भोजपुर में हाल में हुई घटना का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले में तत्काल उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून के शासन से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और हर नागरिक को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर मुख्यमंत्री ने विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जवाबदेही आधारित व्यवस्था लागू की है ताकि जनता की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन का समाधान 10 दिनों के भीतर नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा। 20 दिनों के बाद दूसरा नोटिस, 25 दिनों के बाद तीसरा नोटिस और 30 दिनों के भीतर कार्य नहीं होने पर निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 3 लाख 70 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3 लाख 20 हजार मामलों का समाधान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने जननायक को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान बिहार और देश के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि लोकतंत्र के मजबूत प्रहरी भी थे। उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जेपी आंदोलन के सेनानियों के सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जेपी सेनानियों की पेंशन राशि दोगुनी की गई थी और अब छूटे हुए नामों को सूची में शामिल करने के लिए समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पात्र लोग जिन्हें अब तक सम्मान और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सका है, उन्हें चिन्हित कर सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले वर्ष 25 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में ऐसे सभी बचे हुए जेपी सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वे केवल एक मंत्री ही नहीं, बल्कि छात्र जीवन से लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़े एक संघर्षशील कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपातकाल विरोधी आंदोलन से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका प्रेरणादायक रही है। बिहार के लोगों का उनसे विशेष आत्मीय संबंध है और उनका राज्य आगमन हमेशा कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों के लिए प्रेरणा लेकर आता है।

कार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री , जेपी सेनानी रघुपति और राजाराम पांडेय सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की रक्षा और संघर्षशील आंदोलनकारियों के योगदान को याद किया। समारोह में सांसद, विधायक, विधान पार्षद, विभिन्न जनप्रतिनिधि, जेपी सेनानी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

ज्ञान भवन में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी बना। मुख्यमंत्री के संबोधन ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनावों से नहीं, बल्कि उन मूल्यों की रक्षा से होती है जिनके लिए अनगिनत लोगों ने संघर्ष किया था। बिहार सरकार द्वारा जेपी सेनानियों के सम्मान और छूटे हुए नामों को जोड़ने की पहल आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी एनकाउंटर केस: जांच आयोग के सामने फूट पड़ा मां का दर्द, STF को देखकर बोलीं- “मेरे बेटे के हत्यारों को फांसी हो”

    Share Add as a preferred…

    बिहार में AI क्रांति की तैयारी! गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत 4 बड़ी कंपनियों के साथ होगा समझौता, कैबिनेट से मिली मंजूरी

    Share Add as a preferred…